लोकसभा चुनाव के बाद तक Mi-17V5 क्रैश जांच रिपोर्ट वापस लेने की रिपोर्ट पर भारतीय वायु सेना की असाधारण स्पष्टीकरण

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भारतीय वायु सेना (IAF) ने शनिवार को एक रिपोर्ट के बाद एक असाधारण स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें कहा गया था कि वह Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच के लिए IAF कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। बता दें कि, पाकिस्तान के बालाकोट में भारत की और से की कार्रवाई के बाद भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों पर कार्रवाई के दौरान 27 फरवरी को बडगाम में भारतीय वायुसेना का Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में वायुसेना के छह अधिकारियों की मौत हो गई थी।

भारतीय वायु सेना

पत्रकार अजय शुक्ला की एक रिपोर्ट के बाद यह आरोप लगाया गया था कि भारतीय वायुसेना को आदेश दिया गया था कि वह Mi-17V5 दुर्घटना के अपने निष्कर्षों को तब तक दबाए रखें, जब तक कि चुनावों के बाद बीजेपी की नेतृत्व वाली सरकार न बन जाएं।

भारतीय वायु सेना ने शनिवार (27 अप्रैल) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘आज अजय शुक्ला द्वारा लिखे गए एक लेख में उन्होंने गलत अनुमान लगाया है कि 27 फरवरी को श्रीनगर में Mi-17V5 दुर्घटना की जांच के लिए IAF कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। यह उसकी कल्पना है और भारतीय वायुसेना स्पष्ट रूप से इससे इनकार करती है।’

IAF ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘विमान दुर्घटनाओं के सीओआई सावधानीपूर्वक और समय लेने वाली हैं। विमान दुर्घटनाओं के सभी पिछले पूछताछ इस बात की गवाही देते हैं। सीओए की कार्यवाही पर भारतीय वायुसेना द्वारा सभी मामलों में जांच पूरी होने तक टिप्पणी नहीं की जाती है। चुनाव और सीओआई (CoI) के पूरा होने के बीच कोई संबंध नहीं है।’

 

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