डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैं राष्ट्रपति बना तो भारतीय और हिंदू समुदाय होंगे अमेरिका के ‘पक्के दोस्त’

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भारत को एक ‘अहम रणनीतिक सहयोगी’ बताते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो भारत और अमेरिका ‘पक्के दोस्त’ बन जाएंगे और उनका एक साथ ‘अभूतपूर्व भविष्य’ होगा।

ट्रंप ने रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन द्वारा आयोजित एक चैरिटी समारोह में भारतीय-अमेरिकियों को अपने संबोधन में कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका का सहयोगी है. ट्रंप प्रशासन के तहत हम और भी बेहतर मित्र बनने जा रहे हैं. असल में हम रिश्ते को बेहतर बनाएंगे और हम पक्के दोस्त होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘हम मुक्त व्यापार के पक्षधर हैं. दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे व्यापारिक सौदे होंगे. हम भारत के साथ बहुत व्यापार करेंगे. हमारा एक साथ एक अभूतपूर्व भविष्य होने वाला है।’

ट्रंप ने आर्थिक सुधारों और नौकरशाही में सुधारों के साथ भारत को तेज विकास के मार्ग पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा कि ऐसा अमेरिका में भी जरूरी है. ट्रंप ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं. वह अर्थव्यवस्था और नौकरशाही को सुधारने में बेहद ऊर्जावान रहे हैं. शानदार व्यक्ति. मैं उनकी सराहना करता हूं.’ यह पहली बार था जब ट्रंप ने इस चुनावी मौसम में भारतीय-अमेरिकियों के समारोह में शिरकत की।

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कश्मीरी पंडितों और आतंकवाद से पीड़ित बांग्लादेशी हिंदुओं द्वारा आयोजित समारोह में ट्रंप ने कहा, ‘मैं हिंदू और भारत का एक बड़ा प्रशंसक हूं. अगर मैं चुना जाता हूं तो भारतीय और हिंदू समुदाय को व्हाइट हाउस में एक सच्चा दोस्त मिल जाएगा.’ ट्रंप ने कहा कि भारत में उन्हें यकीन हैं. उन्होंने भारत और उसकी जनता को अद्भुत बताते हुए कहा कि मैं 19 महीने पहले भारत गया था और कई बार वहां जाना चाहता हूं।

ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका की सराहना की. उन्होंने ‘इस्लामी आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल न करने को लेकर अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन की आलोचना करते हुए कहा, ‘हम इस बात की सराहना करते हैं कि हमारा अच्छा दोस्त भारत चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ रहा है.’ ट्रंप ने कहा कि भारत ने ‘आतंकवाद की निर्ममता’ को प्रत्यक्ष रूप से झेला है. इसमें ‘मुंबई में मचा उत्पात भी शामिल है. वह एक ऐसी जगह है, जिसे मैं प्यार करता हूं और मैं समझता हूं।’

ट्रंप ने कहा कि मुंबई में हुआ आतंकी हमला और भारतीय संसद पर हुआ हमला ‘बेहद घृणित’ और भयावह है. भारत को एक अहम रणनीतिक सहयोगी बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वह कूटनीतिक और सैन्य सहयोग को गहरा करना चाहते हैं. ऐसा करना दोनों देशों के हित में है।

 ट्रंप ने कहा, ‘आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए विकास समर्थक नेता रहे हैं. उन्होंने कर व्यवस्था को आसान बनाया है, करों में कटौती की है और अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. यह शानदार है. अमेरिका में हमारी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक तौर पर बिल्कुल नहीं बढ़ रही। यह बिल्कुल शून्य है. भारत के साथ हमारा एक बढ़िया रिश्ता रहेगा।’

भाषा की खबर के अनुसार, भारतीय समुदाय की मेहनत और उद्यमिता की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों की पीढ़ियों ने हमारे देश को मजबूत किया है.’ उद्यमिता की सर्वोच्च दर के लिए भारतीय समुदाय को मुबारकबाद देते हुए उन्होंने कहा, ‘यह बेहद प्रभावशाली है.’ उन्होंने कहा कि वह अमेरिका में भी नौकरशाही में थोड़ी ‘गंभीर’ कटौती करने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह बहुत जरूरी है।

ट्रंप ने चीन और मेक्सिको के साथ अच्छे संबंध रखने की बात तो कही, लेकिन साथ ही चीन के उद्योग संबंधी तौर-तरीकों को लेकर निशाना भी साधा. उन्होंने खासतौर पर बौद्धिक संपत्ति की चोरी को लेकर चीन की आलोचना की.

ट्रंप के स्वागत संबोधन में रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि राष्ट्रपति पद के एक बड़े उम्मीदवार ने चुनाव से महज तीन सप्ताह पहले हिंदू-अमेरिकियों को संबोधित किया है। उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे आगामी चुनाव में ट्रंप को वोट दें और आतंकवाद से लड़ने में मदद करें।

ट्रंप ने कहा, ‘हम चरमपंथी इस्लामी आतंकवाद को हराएंगे. हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।आईएसआईएस के इस दौर में यह बेहद अहम है।’

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