पुलवामा आतंकी हमला: क्या मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर आतंकवाद पर युद्ध के लिए अपने ही अलग तरीके से आगे बढ़ रही है?

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जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार (14 फरवरी) की शाम को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें 42 जवान शहीद हो गए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, हर कोई शहादत को नमन कर रहा है।

पुलवामा

जब से पुलवामा में आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया है तभी से भारत में दक्षिणपंथी ब्रिगेड केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की विफलता को छुपाने के लिए तेज गति के साथ आगे बढ़े है। खुफिया विफलता पर सवाल उठाने और मोदी सरकार से जवाब मांगने के बजाय भारतीय मीडिया ने हिंदुत्व ब्रिगेड के कोर्स में शामिल होकर खुद को हंसी का पात्र बना लिया है। वहीं, बीजेपी के आईटी सेल ने सोशल मीडिया मशीनरी का उपयोग करते हुए पुलवामा हमले पर अपनी टिप्पणी के लिए कांग्रेस के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ एक ठोस अभियान शुरू कर दिया।

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि, ‘कुछ लोगों की वजह से क्या आप पूरे मुल्क को गलत ठहरा सकते हैं और क्या आप किसी एक इंसान को दोषी ठहरा सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा था कि यह हमला कायरता की निशानी है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हिंसा की हमेशा निंदा होनी चाहिए और जिनकी गलती है उन्हें सजा मिलनी चाहिए।’

सिद्धू के इस बयान से कई लोग खफा हैं और सोशल मीडिया पर अपनी नराजगी जताने लगे। कुछ लोग सिद्धू से माफी मांगने के लिए कह रहे हैं तो कुछ लोग लोग कॉमेडियन कपिल शर्मा को टैग करते हुए लिख रहें है कि नवजोत सिंह सिद्धू को अपने शो से बाहर निकालो। यूजर्स ने सोशल मीडिया पर #BoycottSidhu और #BoycottSonyTV हैशटैग का भी इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं नवजोत सिंह सिद्दू की वजह से सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट कपिल शर्मा शो’ ट्रेंड भी करने लग गया था।

इसी बीच, सोनी टीवी ने सोशल मीडिया अभियान के आगे घुटने टेक दिए और नवजोत सिंह सिद्धू को कॉमिडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ से बर्खास्त कर दिया है। चैनल ने एक बयान में कहा, उनके बयान की सभी लोगों ने निंदा की है साथ ही चैनल और शो को बेवजह इस विवाद में खींचा जा रहा था। जिसके बाद टीम ने फैसला किया कि शो को नवजोत सिंह सिद्धू से दूरी बना लेनी चाहिए।

चैनल के एक सूत्र ने कहा कि सिद्धू की टिप्पणियों पर बढ़ते विवाद को देखते हुए चैनल ने कथित तौर पर सिद्धू की जगह अर्चना को लेने का फैसला किया है।

वहीं, इसके एक दिन बाद मुंबई स्थित क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया ने सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले का विरोध जताते हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट कप्तान और अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का पोस्टर को ढकने का फैसला किया है। सीसीआई के सचिव सुरेश बाफना ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘हमने हमले के अगले दिन एक बैठक बुलाई और हमले की निंदा की। हमने तस्वीर को कवर करने का फैसला किया। इस हटाना कैसे है इसपर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा।’

इस बीच, किसी भी मीडिया संस्थान या चैनल ने खुफिया विफलता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से इस्तीफा मांगने की हिम्मत नहीं की। 42 जवानों के शहादत के बाद भी उसी के अगले दिन पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी में एक चुनावी रैली को आयोजित किया। वहीं, जिस दिन यह आतंकी हमला हुआ था उस दिन भी बीजेपी के कुछ दिग्गज नेता 42 सीआरपीएफ जवानों की मौत पर बेफिक्र नजर आए।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक में चुनावी सभा को संबोधित करते नजर आए। वहीं, इस घटना के बाद भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल तमिलनाडु में एआईएडीएमके नेताओं के साथ लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर बातचीत कर रहे थे। वहीं, उत्तर पूर्व दिल्ली से सांसद और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी प्रयागराज में संगीत के एक कार्यक्रम में लोगों का मनोरंजन करते नजर आए वो भी तब जब पूरी दुनिया इस हमले के बाद ग़ुस्से में था।

भारत के लैपडॉग मीडिया ने भी सीआरपीएफ के हवाई मार्ग से अपने सैनिकों को ले जाने के अनुरोध पर आंखें मूंदने के लिए संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग नहीं की। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने News18 को बताया, मैंने एक से अधिक बार संयुक्त बलों की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान जवानों को एयरलिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया था और इसके बारे में राज्य और केंद्र सरकारों के प्रतिनिधियों से भी बात की थी।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने की कसम खाई है। पीएम ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि, ‘मैं आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं, बहुत बड़ी किमत उनको चुकानी पड़ेगी। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सज़ा अवश्य मिलेगी।’

इस बीच, पाकिस्तान स्पष्ट रूप से भारत की प्रतिक्रिया से नाराज है क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू को एक कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में हंसते हुए नहीं देखा जा सकता है और मुंबई में सीसीआई के सदस्य और मेहमान इमरान खान की तस्वीर को नहीं देख पाएंगे। अब देखना यह होगा कि अपने सैनिकों पर हुए इस आतंकी हमले का बदला भारत कैसे लेता है। ऐसा लग रहा है कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर आतंकवाद पर युद्ध के लिए अपने संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि गुरुवार (14 फरवरी) की शाम जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें 42 जवान शहीद हो गए जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, हर कोई शहादत को नमन कर रहा है।

पुलवामा में फिदायीन हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान यूपी, पंजाब, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा समेत अन्य राज्यों के जवान शामिल थे।

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