#MeToo: महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए ‘यौन उत्पीड़न’ के आरोपों पर इंडिया टुडे के एंकर गौरव सावंत ने तोड़ी चुप्पी

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अमेरिका से शुरू हुए ‘मीटू’ आंदोलन ने भारत में भी भूचाल मचा दिया है। मी टू अभियान के तहत हर रोज बॉलीवुड सहित अलग-अलग संस्थान में कार्यरत महिलाएं आगे आकर अपनी आपबीती बयां कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ये महिलाएं आरोपी के खिलाफ सबूत भी पेश कर रही हैं।

इस बीच ‘मी टू’ अभियान के लपेटे में अब अंग्रेजी समाचार चैनल इंडिया टुडे के वरिष्ठ एंकर और पत्रकार गौरव सावंत भी आ गए हैं। गौरव सावंत पर एक महिला पत्रकार ने ‘यौन उत्पीड़न’ के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला पत्रकार का आरोप है कि सावंत ने उनका करीब 15 साल पहले ‘यौन शोषण’ किया था। महिला पत्रकार विद्या कृष्णन ने इंडिया टुडे के कार्यकारी संपादक और एंकर गौरव सावंत पर वर्ष 2003 में एक असाइनमेंट के दौरान कथित तौर पर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। विद्या कृष्णन ने न्यूज मैगजीन द ‘कारवां’ पत्रिका के साथ अपनी आपबीती शेयर की हैं।

एंकर ने तोड़ी चुप्पी

महिला साथी पत्रकार द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों पर गौरव सावंत ने चुप्पी तोड़ी है। सावंत ने ट्वीट कर कहा है कि साथी पत्रकार द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों को लेकर वह अपने वकीलों से परामर्श कर रहे हैं। सावंत के खिलाफ कार्रवाई की बढ़ती मांगों के बीच इंडिया टुडे के एंकर ने ट्वीट कर कहा है कि कारवां द्वारा प्रकाशित लेख गैर जिम्मेदार, आधारहीन और पूरी तरह से झूठा है। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में अपने वकीलों से बात कर रहे हैं। साथ ही सावंत ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

इंडिया टुडे में बतौर एग्जीक्यूटिव एडिटर कार्यरत सावंत ने समर्थन के लिए अपने परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इंडिया टुडे में बतौर एग्जीक्यूटिव एडिटर कार्यरत सावंत ने ट्वीट कर लिखा है कि द कारवां में प्रकाशित लेख ‘गैर जिम्मेदार, आधारहीन और पूरी तरह से झूठ है।’ साथ ही एंकर ने आगे लिखा है, ‘मैं मेरे वकीलों से बात कर रहा हूं और इस पर कानूनी कदम उठाऊंगा। मेरा समर्थन करने के लिए मेरे परिवार, दोस्त और दर्शकों का आभारी हूं।’

NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसने इस मामले पर इंडिया टुडे से बातचीत की, जहां अभी सावंत कार्यरत हैं। इंडिया टुडे ने NDTV को बताया, ‘दुर्भाग्यवश हम इस मामले पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकते और न ही इसकी जांच कर सकते, क्योंकि साल 2003 में सावंत हमारे साथ काम नहीं करते थे। हालांकि, सावंत से इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने इस पूरे मामले को खारिज करने की बजाय हमें बताया कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए अपने वकीलों से सलाह ले रहे हैं।’

पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप

द हिंदू की पूर्व पत्रकार विद्या कृष्णन ने द कारवां को बताया है कि जब यह घटना हुई, उस वक्त उन्होंने द पॉयनियर अखबार ज्वाइन किया था। विद्या ने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई जब वह पंजाब के ब्यास में भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक मिलिट्री ड्रिल को कवर करने गई थीं। यह उनका दिल्ली से बाहर पहला असाइनमेंट था। पहले से डिफेंस पत्रकार के तौर पर प्रसिद्धि पा चुके सावंत भी इस ट्रिप पर थे। विद्या सेना के उस वाहन में अकेली महिला थी, जिसमें पत्रकारों की टीम को ले जाया जा रहा था।

कृष्णन ने बताया कि सावंत उनके पीछे बैठे हुए थे और एक जगह उन्होंने अपना हाथ विद्या के कंधे पर रखा और फिर धीरे-धीरे उसे आगे की तरफ ले आए। विद्या ने कारवां को बताया कि उन्होंने उस वक्त कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वह सावंत के ऐसे व्यवहार से हैरान थीं। साथ ही उन्होंने बताया कि मैं उस वक्त किसी को इस बारे में बताने के लिए सुरक्षित भी महसूस नहीं कर रही थी। सावंत के भद्दे व्यवहार का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उस रात विद्या अपने होटल के कमरे के दरवाजे पर सावंत को देखकर चौंक गई थी।

पत्रिका के मुताबिक, उसके बाद सावंत कथित तौर पर विद्या के कमरे में घुस गए और उनके साथ बदसलूकी करना शुरू कर दिया। विद्या ने बताया, ‘वह मुझे बाथटब में अपने साथ ले जाना चाहते थे। इसके बाद सावंत ने अपनी पैंट की जिप खोली। मुझे उस वक्त लगा कि वह मुझ पर जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद मैंने शोर शुरू कर दिया।’ रिपोर्ट में लिखा गया कि जैसे ही विद्या की आवाज तेज हुई, सावंत वहां से चले गए।

आपको बता दें कि अभिनेता नाना पाटेकर पर एक फिल्म की शूटिंग के दौरान 2008 में अपने साथ दुर्व्यवहार करने का अदाकारा तनुश्री दत्ता द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद देश में शुरू हुआ ‘‘मी टू’’ अभियान तेजी से आगे बढ़ा है। कई महिलाओं ने सामने आकर विभिन्न शख्सियतों के खिलाफ अपनी शिकायत व्यक्त की है। यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों में पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर, फिल्म निर्देशक सुभाष घई, साजिद खान, रजत कपूर और अभिनेता आलोक नाथ आदि शामिल हैं। अकबर ने अपने खिलाफ लगे इन आरोपों को लेकर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

 

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