भारत ने पहली बार माना, अजित डोभाल और पाकिस्तानी NSA के बीच बैंकॉक हुई थी ‘गुप्त बातचीत’

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पाकिस्तान के प्रति भारत के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब दो वर्षो की तल्खी के बाद भारत और पाकिस्तान आखिरकार बातचीत के लिए न सिर्फ सहमत हो गए हैं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के स्तर पर इनके बीच बातचीत भी शुरु हो गई है। यह गुप्त बातचीत पिछले साल दिसंबर, 2017 के आखिरी हफ्ते (26 दिसंबर) को बैंकॉक में हुई थी। शुरुआती चुप्पी के बाद आखिरकार विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (11 जनवरी) भी इसे स्वीकार कर लिया है।

Photo: MEAIndia@Twitter

भारत ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि भारत और पाकिस्तान के साथ एनएसए लेवल पर बैंकॉक में बातचीत हुई थी। भारत ने पहली बार गुरुवार को पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नासिर खान जंजुआ ने बैंकॉक में मुलाकात की थी। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने पर जोर रहा।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि, “हां, मैं मानता हूं, बातचीत हुई थी। मैं इस बात को भी मानता हूं कि मुद्दा आतंकवाद का था। चर्चा इस बात पर हुई कि कैसे क्षेत्र में आतंकवाद से छुटकारा पाया जाए, कैसे यह सुनिश्चित किया जाए कि आतंकवाद इस क्षेत्र को प्रभावित न करे। मेरे विचार से हमने उस वार्ता में सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया।”

कुमार उन मीडिया रिपोर्ट पर उठ रहे सवालों का जवाब दे रहे थे जिसमें बैंकाक में 26 दिसंबर को डोभाल और जंजुआ के बीच बैठक की बात कही गई थी। यह बैठक पाकिस्तान में कैद कुलभुषण जाधव की उनकी पत्नी व मां से शीशे के पार से मुलाकात के एक दिन बाद हुई। मुलाकात के तरीके को भारत ने अपमानजनक बताया था। प्रवक्ता ने इससे साफ इनकार किया यह बैठक भारत-पाकिस्तान के बीच बंद वार्ता प्रक्रिया को फिर से बहाल करने की कोशिश है और कहा कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच संचालन स्तर की चर्चा (ऑपरेशनल लेवल इंगेजमेंट) का भाग थी।

उन्होंने कहा कि, “हमने कहा है कि वार्ता और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। लेकिन इसके अलावा (उच्च स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के अलावा) डीजीएमओ स्तर, भारतीय बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स स्तर की बातचीत की प्रक्रिया के तहत बातचीत होती है। यह दैनिक प्रक्रिया है। इसी तरह से दोनों तरफ के एनएसए के बीच वार्ता संचालन स्तर की बातचीत है।”

कुमार ने कहा कि भारत विश्वास करता है कि ‘आतंकवाद और बातचीत एक साथ आगे नहीं बढ़ सकते लेकिन आतंकवाद पर बातचीत निश्चित ही हो सकती है।’ इस तरह की और बैठक होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, “संचालन स्तर की प्रक्रिया चलती रहती है, लेकिन हम इन बैठकों की घोषणा नहीं करते हैं। जब और जहां यह बैठक होगी, आपको पता चल जाएगा।”

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