भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में ‘चक दे’ पल, चीन को हराकर रचा इतिहास

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दीपिका ठाकुर के आखिरी मिनट में किए गए निर्णायक गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने आज रोमांचक फाइनल में चीन को 2-1 से पराजित करके पहली बार महिला एशिया चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। दीपिका ने 60वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर रिबाउंड से गोल करके अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।

पूर्व भारतीय कप्तान ममता ख़रब इसे भारतीय हॉकी की बड़ी जीत मानती हैं। उनका मानना है कि अगर इसे सही तरह से तराशा गया तो ये और भी बड़ी जीत हासिल कर सकती है।

पूर्व कप्तान सबा अंजुम कहती हैं, “बहुत बड़ी जीत है. लीग मैच हम चीन से हार गए थे. लेकिन लीग और फ़ाइनल एकदम अलग होता है. फ़ाइनल में डू या डाई सिचुएशन होती है। इस जीत का फ़ायदा भारतीय टीम को एशियन गेम्स, एशिया कप, टेस्ट मैच या दूसरे बड़े टूर्नामेंट में देखने को ज़रूर मिलेगा।”

हॉकी
पिछले हफ़्ते भारतीय पुरुष टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीती थी तो जूनियर टीम ने वालेंसिया (स्पेन) में फ़ोर नेशंस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन जर्मनी को (5-2 से) शिकस्त दी थी और उसी दिन महिला टीम ने इसी टीम में द. कोरिया को शिकस्त दी थी।

मतलब अब भारतीय पुरुष सीनियर और जूनियर टीम के साथ अब महिला टीम के पास भी ख़िताबी जीत है. जानकार इसे भारतीय हॉकी के आने वाले दिनों के लिए एक अच्छा संकेत मान रहे हैं.

एनडीटीवी की खबर के अनुसार, पिछले हफ़्ते भारतीय जूनियर टीम के कई खिलाड़ियों को शिकायत थी कि उनकी बड़ी जीत के बावजूद मीडिया ने उनको वो तवज्जो नहीं दी जो मिलनी चाहिए थी। लेकिन महिला टीम की इस जीत के बाद उम्मीद की जानी चाहिए चैंपियन महिला टीम का स्वागत भी एक विजेता की तरह ही किया जाएगा।

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