दक्षिण अफ्रीका को हरा भारतीय टीम ने रचा इतिहास, 25 साल में पहली बार सीरीज पर किया कब्जा

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भारत ने अपने बेहतरीन हरनफनमौला खेल से मंगलवार (13 फरवरी) देर रात सेंट जॉर्ज पार्क मैदान पर खेले गए पांचवें वनडे मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 73 रनों से हरा कर इतिहास रच दिया। 26 साल के दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत वहां सीरीज जीतने में कामयाब रहा। कप्तान कोहली की कप्तानी वाली टीम पोर्ट एजिलाबेथ वनडे जीतकर साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय टीम बन गई।

Photo: @BCCI

भारत ने छह वनडे मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम करते हुए दक्षिण अफ्रीका में पहली सीरीज जीतने का इतिहास रचा। भारत ने इससे पहले कभी भी दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज नहीं जीती थी। भारत की इस जीत के हीरो शतक बनाने वाले सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (115) और चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव रहे. कुलदीप ने चार विकेट लेकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने दक्षिण अफ्रीका द्वारा बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर मेजबान टीम के सामने 275 रनों का लक्ष्य रखा था। दक्षिण अफ्रीका इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई और 42.2 ओवरों में 201 रनों पर ही ढेर हो गई। मेजबान टीम के लिए हाशिम अमला (71) और हेइनरिक क्लासेन (39) ने संघर्ष किया जो आखिरकार जाया गया।

मेजबान टीम को अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन 13 रनों के अंदर तीन विकेट गिरने के कारण वह संकट में आ गई थी। अमला और कप्तान एडिन मार्कराम (32) ने पहले विकेट के लिए 52 रन जोड़े। इस बीच मार्कराम को एक जीवनदान मिला जब श्रेयस अय्यर ने जसप्रीत बुमराह की गेंद पर उनका कैच छोड़ा. हालांकि वह इसका फायदा नहीं उठा सके और बुमराह ने उन्हें विराट कोहली के हाथों कैच कराया।

अगले ओवर में हार्दिक पांड्या ने 55 के कुल स्कोर पर ज्यां पॉल ड्यू्मिनी (1) को पवेलियन भेज दिया। मेजबान टीम के सबसे अहम बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स छह के निजी स्कोर पर पांड्या की गेंद पर विकेट के पीछे धौनी के हाथों लपके गए। उनका विकेट 65 के कुल स्कोर पर गिरा। यहां से अमला और पिछले मैच के हीरो रहे डेविड मिलर (36) ने टीम को संभालने की कोशिश की और चौथे विकेट के लिए 62 रन जोड़े, लेकिन युजवेंद्र चहल की फिरकी ने मिलर के विकेट उखाड़ भारत को जरूरी सफलता दिलाई।

अमला की संघर्षपूर्ण पारी का अंत पांड्या ने सीधी थ्रो के साथ किया। अमला ने 92 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए। अमला का विकेट 166 के कुल स्कोर पर गिरा। उनके स्थान पर आए आंदिले फेहुलकवायो को कुलदीप ने बोल्ड कर मेजबान टीम को छठा झटका दिया। पिछले मैच में मिलर के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाने वाले हेइनरिक हालांकि एक छोर से रन बना रहे थे।

इसी बीच कुलदीप ने कागिसो राबादा (3) को आउट कर मेजबान टीम को सातवां झटका दिया। कुलदीप ने क्लासेन को धौनी के हाथों स्टम्पिंग करा उनकी 42 गेंदों में दो छक्के और दो चौकों की मदद से बनाए गए 39 रनों की पारी का अंत किया। यहां से मेजबानों की हार तय हो गई थी। तबरेज शम्सी को कुलदीप ने खाता भी नहीं खोलने दिया और दक्षिण अफ्रीका को नौवां झटका दिया। युजवेंद्र चहल ने मोर्न मोर्कल (1) को पगबाधा आउट कर अपनी टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगाई।

इससे पहले, भारत का मध्यक्रम और निचला क्रम उसके शीर्ष क्रम द्वारा दी गई शुरुआत का फायदा नहीं उठा सका। एक बार फिर शीर्ष-3 बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद भारत का 300 पार जाने का लक्ष्य अधूरा रह गया। शिखर धवन (34) और रोहित ने पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़ भारत को अच्छी शुरुआत दी। धवन को राबादा ने पवेलियन भेजा।

इसके बाद कप्तान विराट कोहली (36) ने रोहित के साथ दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की मुसीबत को और बढ़ा दिया। दोंनो ने दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की, लेकिन एक गलतफहमी ने इस साझेदारी को तोड़े दिया। रन लेने के दौरान गलतफहमी हुई और ड्यूमिनी ने विकेटों पर सीधा थ्रो मारते हुए कोहली को बाहर भेजा। इसी तरह की गलतफहमी के कारण अजिंक्य रहाणे (8) को रन आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा।

यहां चार विकेट के लेने वाले लुंगी नगिड़ी हावी हो गए। रहाणे के बाद रोहित को नगिड़ी ने विकेट के पीछे हेइनरिक क्लासेन के हाथों कैच कराया। रोहित ने 126 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौकों के अलावा चार चौके लगाए। यह दक्षिण अफ्रीका में उनका पहला शतक है।

यहां से श्रेयस अय्यर (30), महेंद्र सिंह धौनी (13), हार्दिक पांड्या (0) को आउट कर नगिड़ी ने भारतीय टीम की कमर तोड़ दी। भुवनेश्वर कुमार 19 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके साथ कुलदीप दो रनों पर नाबाद लौटे। नगिड़ी के अलावा रबादा ने एक विकेट लिए जबकि दो बल्लेबाज रन आउट हुए।

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