फर्जी TRP मामला: जांच में दो और चैनलों के नाम आए सामने, अब तक 8 लोग गिरफ्तार

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हाल ही में सामले आए कथित फर्जी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) मामले की जांच के दौरान दो और टेलीविजन चैनलों के नाम सामने आए हैं। इस बीच, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने टीआरपी रैकेट के सिलसिले में हंसा रिसर्च एजेंसी के दो और पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

टीआरपी

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें एक समाचार चैनल है तो दूसरा मनोरंजन चैनल है। उन्होंने कहा, ‘‘जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ये दो चैनल टीआरपी फिक्स करने में शामिल हैं और लोगों को उनका चैनल देखने के लिए पैसे दिया करते थे।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने फर्जी टीआरपी मामले में और धाराएं जोड़ दी हैं।

इससे पहले अग्रेजी समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनल टीआरपी रैकेट में कथित रूप से शामिल पाए गए थे। इस बीच जांच टीम ने बुधवार को एक बार फिर रिपब्लिक टीवी के सीएफओ एस सुंदरम और कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी के बयान दर्ज किए।

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने टीआरपी रैकेट के सिलसिले में बीते मंगलवार को हंसा रिसर्च एजेंसी के दो पूर्व कर्मियों को गिरफ्तार किया था। इस तरह, इस मामले में अब तक 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। रामजी वर्मा (41) और दिनेश विश्वकर्मा (37) ने कुछ सालों के लिए हंसा एजेंसी में काम किया था। पुलिस के अनुसार, वर्मा को वर्ली से गिरफ्तार किया गया जबकि विश्वकर्मा को मुम्बई हवाईअड्डे से शाम को गिरफ्त में लिया गया।

बता दें कि, इस मामले में बीते सप्ताह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से विनय त्रिपाठी नाम के हंसा के पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, इस मामले की छानबीन की जा रही है और इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।

यह कथित फर्जी टीआरपी घोटाला तब सामने आया जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी अंक के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। आरोपी है कि दर्शक संबंधी आंकड़े के संग्रहण के लिए जिन परिवारों में मीटर लगाये गये थे और उनमें से कुछ को कुछ खास चैनल देखने के लिए रिश्वत दी जाती थी।

गौरतलब है कि, मुंबई पुलिस ने बीते दिनों टीआरपी घोटाले का दावा किया था। मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी। उन्‍होंने कहा था कि इसमें रिपब्लिक टीवी समेत कुछ चैनल्‍स शामिल हैं। (इंपुट: भाषा के साथ)