हिंदू विरोधी टिप्पणी करने वाले पाकिस्तानी मंत्री को इमरान खान ने किया बर्खास्त, यूजर्स बोले- ‘सेक्युलर देश में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई होगी?’

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सूचना मंत्री फैयाज उल हसन चौहान को हिंदू समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर मंगलवार (5 मार्च) को हटा दिया गया। उनके इस बयान के बाद उनकी पार्टी के सदस्यों और सोशल मीडिया यूजरों ने कड़ी आलोचना की थी। पाकिस्तानी मीडिया ने पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार के प्रवक्ता शाहबाज गिल के हवाले से कहा कि चौहान ने इस्तीफा दिया है, वहीं पीटीआई ने ट्वीट किया है कि उन्हें हटाया गया है और आगे कहा कि किसी की मान्यताओं पर प्रहार करना किसी विचारधारा का हिस्सा नहीं हो सकता।

पाक मीडिया के अनुसार, चौहान को अपनी गलती का एहसास तब हुआ, जब उनके बयान को प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद गंभीरता से लिया, पार्टी ने हालांकि इन खबरों को खारिज कर दिया। चौहान ने 24 फरवरी को लाहौर में एक कार्यक्रम में हिंदू समुदाय को ‘गो-मूत्र पीने वाले लोगों’ की संज्ञा दी थी।

उन्होंने कहा था, “हम मुस्लिम हैं, हमारा झंडा है, जो मौला अली की बहादुरी का प्रतीक, हजरत उमर की वीरता का प्रतीक है। आपके (हिंदू) पास वह झंडा नहीं है, वह आपके हाथ में नहीं है।” उन्होंने कहा, “इस भ्रम में न रहें, जिसमें आप हमसे सात गुना बेहतर हैं। मूर्तिपूजकों, हमारे पास जो है वह आपके पास नहीं है।”

भारतीय यूजर्स ने की तारीफ

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के इस कदम की भारतीय सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि क्या मुस्लिम विरोधी टिप्पणी करने वाले बीजेपी नेताओं और मंत्रियों से पीएम नरेंद्र मोदी भी इस्तीफा लेने की जहमत उठाएंगे। वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी ने ट्वीट कर लिखा है, “मुझे नहीं याद कि दूसरे किसी धर्म के ख़िलाफ़ बोलने पर भारत में आज तक किसी मंत्री, सांसद, विधायक को पद या पार्टी से हटाया गया हो। अब तो ज़हर उगलने वालों के अड्डे में पत्रकार भी जमा हो चुके हैं।”

वहीं, एक अन्य पत्रकार साक्षी जोशी ने लिखा है, “एक इस्लामिक देश में हिंदू समाज के ख़िलाफ़ ग़लत बयानबाज़ी पर मंत्री की छुट्टी हो गई। सेक्युलर देश में ऐसे मंत्री जो दिन भर एक विशेष समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाते हैं कोई कार्रवाई होगी? हम तो पाकिस्तान से हर चीज़ में बेहतर हैं फिर इस मामले में क्यों पीछे रहें!”

इसके अलावा आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने लिखा है, “भगवाधारी,संघी,भक्त, गोड़से के अनुयायी, भाजपाई,हिंदूवादी संगठनों क्या कहना है तुम्हारा इस इस्तीफ़े के बारे में 😊 ??? हिन्दू-मुस्लिम मामले में तुम्हारा दुश्मन ही तुम्हारा बाप निकला… सीखो कुछ दुश्मन से भी,अगर उससे इंसानियत का भला हो रहा हो तो। कोई और तारीफ़ मत करना नही तो”

विवादित बयानों का वीडियो सोमवार को वायरल होने के बाद ट्विटर यूजर्स ने मंगलवार को ‘हैश सेकफयाजचौहान’ ट्रेंड कर सरकार से उन्हें उनके पद से हटाने के लिए कहा। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय हिंदुओं के खिलाफ अपने बयान के लिए पीटीआई से आलोचना के बाद मंत्री ने माफी मांगी और कहा कि उन्होंने अपना बयान सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय मीडिया के लिए दिया था।

उन्होंने कहा, “मैं नरेंद्र मोदी, रॉ और भारतीय मीडिया को बोल रहा था। वह बयान पाकिस्तान में रहने वाली किसी व्यक्ति के लिए नहीं था। मेरा संदेश भारतीयों के लिए था।” उन्होंने कहा, “मैंने किसी धर्म को नीचा नहीं दिखाया। मैंने जो कहा वह हिंदुत्व का हिस्सा हैं।”

खान ने चौहान के बयान को गलत बताया और कहा, “हम किसी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कोई बयान नहीं सहेंगे।” राजनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री के विशेष सहयोगी नईमुल हक ने एक ट्वीट में कहा कि पीटीआई सरकार किसी भी वरिष्ठ मंत्री या किसी के भी द्वारा ऐसी बेहूदा बात नहीं सहेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने भी ट्विटर पर कहा, “पाकिस्तान अपने झंडे में हरे के बराबर सफेद रंग को भी उतने गर्व से जगह देता है, हिंदू समुदाय के सहयोग को मानता है और अपने बरावर सम्मान देता है।”

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