शिव सेना के विरोध के कारण आईआईटी-मुंबई को हटानी पड़ी अपनी आधुनिक पेंटिंग, कैंपस में बढ़ाई गई सुरक्षा

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आईआईटी-मुंबई के एक कार्यक्रम में एक आधुनिक पेंटिंग का प्रदर्शन किया गया जिस पर शिव सेना भड़क गई और लोगों की धार्मिक भावनाओं के आहत होने का हवाला देते हुए कालेज का विरोध शुरू कर दिया जिसके कारण कालेज प्रशासन को तुरंत उस पेंटिंग को वहां से हटाना पड़ा।

 आईआईटी-मुंबई

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मुंबई के एक कार्यक्रम के दौरान शिवसेना नेता ने हनुमान की एक पेंटिंग देखकर विरोध करना शुरू कर दिया। शिवसेना के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद प्रशासन ने पेंटिंग को हटा लिया। देश के नामी शिक्षा संस्थान में कल्चरल फेस्टिवल ‘मूड इंडिगो’ चल रहा है। कार्यक्रम में पहुंचे शिवसेना नेता को हनुमान पेंटिंग सही नहीं लगी और उसने विरोध करना शुरू कर दिया।

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, भगवान हनुमान के जैसी दिखने वाली इस आधुनिक पेंटिंग को शिवसेना की आपत्ति के बाद हटाना पड़ा। पेंटिंग इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलॉजी, पवई में बनाई गई थी। यह पेंटिंग वहां पर चल रहे सालाना सांस्‍कृतिक कार्यक्रम मूड इंडिगो के तहत बनाई गई थी। शिवसेना ने इस पर आपत्ति जताई और कार्यक्रम के आयोजकों से माफी मांगने को कहा।

सोमवार (26 दिसंबर) को स्‍थानीय शिवसेना कार्यकर्ता कैंपस में आ गए और उन्‍होंने पेंटिंग को हटाने की मांग की। इसके बाद उसे मिटा दिया गया। इस पेंटिंग में दिखाया गया है कि किस प्रकार से एक व्यक्ति एक हाथ से पहाड़ और दूसरे में गदा की जगह पेन लेकर जाता दिखाई दे रहा था। इस पेंटिंग को आधुनिक टैक्नोलाॅजी और संचार व्यवस्था को प्रतीकात्मक तरीके से दिखाया गया है।

इस पूरे मामले में कार्यक्रम में आयोजकों की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया। हालांकि कैंपस में स्टॉल लगाने वालों और दर्शकों ने बताया कि पेंटिंग को लेकर काफी गरमागरम बहस भी हुई थी। शिवसेना नेताओं ने बताया कि उन्हें पेंटिंग के बारे में रविवार को पता चला था जिसके बाद स्थानीय नेता सोमवार को आईआईटी कैंपस में गए। उन्हें स्थानीय विधायक सुनील राउत और शिवसेना नेता दत्ता दाल्वी ने निर्देश दिए थे।

इस मामले में दत्ता दाल्वी ने कहा, ‘पेटिंग खराब थी। इससे काफी लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। हनुमान जैसे हिंदुओं के पूज्य देवताओं को इस तरह की पेंटिंग में दिखाने का कोई तुक नहीं है। छात्रों को ऐसा नहीं करना चाहिए था। शिवसेना के ही एक स्थानीय शाखा प्रमुख नीलेश सालुंखे ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे स्टूडेंट काउंसिल के सदस्यों से भी मिले और चेतावनी दी थी कि अगर पेंटिंग को हटाया नहीं गया तो वे कार्यक्रम नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा, ‘कैंपस में जब छात्रों से पेंटिंग को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि इसे बाहर के स्टूडेंट ने बनाया है। यह सरासर झूठ लग रहा है। लेकिन जब हमने उसका नाम जानना चाहा तो वे बता नहीं पाए। मामला तब सुलझा जब प्रशासन ने माफी मांगी और स्टूडेंट काउंसिल ने हमें लिखित में दिया कि वे ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगे। घटना के बाद से कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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