भारत ने पाकिस्तान से भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की तत्काल सुरक्षित लौटाने को कहा

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भारत ने बुधवार (27 फरवरी) को पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब किया और दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच हवाई झड़प के बाद पाकिस्तान द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की तत्काल और सुरक्षित वापसी की मांग की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया गया है कि भारतीय रक्षाकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि उसने अंतरराष्ट्रीय मानवता कानून और जिनेवा संधि के विपरीत किसी घायल कर्मी को ‘‘अशोभनीय रूप से दिखाए जाने पर’’ पड़ोसी देश के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बता दें कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के पास दोनों पक्षों की वायुसेनाओं के बीच भीषण झड़प के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को हिरासत में ले लिया। इस झड़प में पाकिस्तान के एक विमान को मार गिराया गया और भारतीय वायुसेना को भी अपना एक मिग 21 खोना पड़ा।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वह सुनिश्चित करे कि उसकी हिरासत में भारतीय रक्षाकर्मी को कोई नुकसान न पहुंचे। भारत उसकी (अपने पायलट) तत्काल और सुरक्षित वापसी की भी उम्मीद करता है।’’ मंत्रालय ने पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को बुधवार दोपहर बाद तलब किया और पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ की गई अकारण आक्रामकता तथा भारतीय नभक्षेत्र का उल्लंघन करने और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई।

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को भारतीय वायुसेना द्वारा तबाह किए जाने के एक दिन बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय नभक्षेत्र का उल्लंघन किया और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का असफल प्रयास किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह भारत द्वारा आत्मरक्षा में 26 फरवरी को बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद के शिविर पर किए गए ऐहतियातन हमले के विपरीत है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी धरती से संचालित हो रहे आतंकी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय दायित्व और द्विपक्षीय प्रतिबद्धता को पूरा करने की जगह पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आक्रमण किया है।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से संदेश दे दिया गया कि अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भारत के पास ठोस और निर्णायक कार्रवाई करने का अधिकार है।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी पक्ष को पुलवामा हमले में जैश ए मोहम्मद की संलिप्तता और पाकिस्तान में जैश ए मोहम्मद के आतंकी शिविरों तथा इसके नेतृत्व की मौजूदगी के संबंध में एक डोजियर दिया गया।’’

इसने कहा कि इस बात पर अफसोस जताया गया कि पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व अपने नियंत्रण में आतंकी ढांचे की मौजूदगी से लगातार इनकार करता रहा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘संदेश दिया गया कि भारत उम्मीद करता है कि पाकिस्तान अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवाद को मिटाने के लिए तत्काल और प्रामाणिक कार्रवाई करे।’’

इससे पहले भारत में सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे पाकिस्तानी जेट विमान को भारतीय वायुसेना को मार गिराए जाने के बाद एक भारतीय पायलट लापता था। यह जानकारी बुधवार को भारत सरकार ने पाकिस्तान के उन दावों के बाद दी, जिनमें उसने ‘अपने वायुक्षेत्र में रहकर नियंत्रण रेखा के पार हमले करने’ की बात कही थी। बालाकोट में आतंकवादी अड्डे को भारतीय वायुसेना द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव इस वक्त चरम पर नजर आ रहा है।

बता दें कि पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी 46 सेकंड के एक वीडियो में आंखों पर पट्टी बांधे एक व्यक्ति नजर आ रहा है और दावा किया गया है कि यह व्यक्ति भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन हैं। वीडियो में व्यक्ति यह कहता नजर आ रहा है, ‘‘मैं भारतीय वायुसेना का एक अधिकारी हूं। मेरा सर्विस नंबर 27981 है।’’ हालांकि, वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकी है।

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बता दें कि भारत ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को तबाह कर दिया, जिसमें लगभग 350 आतंकवादी और उनके प्रशिक्षक मारे गए। कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के तरफ नियंत्रण रेखा पार कर कई जगहों पर आतंकी शिविरों पर बम गिराए हैं।

वायु सेना की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को तड़के सीमापार स्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर बड़ा एकतरफा हमला किया जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। पाकिस्तान ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद इन आतंकवादियों को उनकी सुरक्षा के लिए इस शिविर में भेजा था। भारतीय वायुसेना का यह हमला अत्यंत त्वरित और सटीक था।

भारत सरकार के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मिराज-2000 जेट विमानों ने बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर सुनियोजित हमला कर बम गिराए और उन्हें नष्ट कर दिया। सूत्रों ने कहा कि हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं, केवल आतंकी ठिकाने पर किया गया और इसे ‘‘हमलों को रोकने’’ के उद्देश्य से ‘‘ऐहतियात’’ के तौर पर अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि यह ठिकाना जंगल में एक पहाड़ी पर स्थित था और पांच सितारा रिजॉर्ट शैली में बना था। इसके चलते यह ‘‘आसान निशाना’’ बन गया तथा आतंकवादियों को नींद में ही मौत के आगोश में सुला दिया गया।

सूत्रों ने कहा कि संदर्भ पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत स्थित शहर का था जो नियंत्रण रेखा से करीब 80 किलोमीटर दूर और ऐबटाबाद के नजदीक स्थित है, जहां अमेरिकी बलों ने अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को ढेर किया था। हालांकि, गोखले ने इस बारे में भी ब्योरा नहीं दिया कि हमले किस तरह किए गए, लेकिन सूत्रों ने बताया कि बम गिराने के लिए मिराज 2000 जेट विमानों के बेड़े का इस्तेमाल किया गया जिनमें अन्य विमान भी शामिल थे।
बता दें कि 12 दिन पहले 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए आत्मघाती हमले में बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी।

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