‘राहुल ने गांधी की हत्या के लिए RSS को हत्यारा नहीं कहा था, सिर्फ जुड़े लोगों के लिए कहा’

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महात्मा गांधी की हत्या में RSS का नाम जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए मानहानि केस में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होने इसके लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को एक संगठन के तोर पर कभी जिम्मेदार नहीं बताया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में मुंबई हाई कोर्ट के समक्ष दायर किए गए राहुल गांधी के हलफनामे का हवाला दिया जिसके मुताबिक राहुल ने RSS के कुछ लोगों पर गांधी की हत्या करने का आरोप लगाया था ना कि संगठन को महात्मा गांधी का हत्यारा बताया।

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भाषा की खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम मानते हैं कि राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS संगठन को हत्यारा नहीं कहा था। सिर्फ संगठन से जुड़े लोगों के लिए कहा था। ऐसे में RSS के लिए मानहानि वाली बात नहीं लगती है। याचिकाकर्ता ने वक्त मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को करेगा।

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दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था। संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की। कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की।

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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है। जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए। आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते।

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हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।

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