#MeToo कैंपेन ने मीडिया जगत में दी दस्तक, यौन शोषण के आरोपों के बाद ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के राजनीतिक संपादक ने छोड़ा पद

0

भारत में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुए ‘मी टू’ अभियान ने अब देश के मीडिया जगत में भी अपनी दस्तक दे दी है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (एचटी) के ब्यूरो प्रमुख और राजनीतिक संपादक प्रशांत झा के खिलाफ यौन र्दुव्‍यवहार की शिकायत आने पर उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है। मीडिया जगत में पिछले कुछ दिनों में ऐसे आरोपों में कई लोगों के नाम आए हैं जिनमें कुछ तो बहुत प्रसिद्ध हैं जिनका जिक्र सोशल मीडिया पर हो रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ भाटिया ने एक बयान जारी कर उन पर लगे आरोपों को बकवास करार दिया। महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर उनके साथ न्यूजरूम के अंदर और बाहर हुईं यौन शोषण की घटनाओं के बारे में लिखा तथा कुछ ने तो ‘मी टू’ हैशटैग के साथ व्हाट्सएप पर हुई बातों के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए हैं।

‘एचटी मीडिया’ के समूह महाधिवक्ता दिनेश मित्तल ने कहा कि एक ‘यौन उत्पीड़न समिति’ पूर्व कर्मी द्वारा झा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मित्तल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, ‘‘निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है, जांच पूरी होने तक उनके (झा) पास कोई प्रशासनिक पद नहीं है। बाहर के एक सदस्य समेत एक ‘यौन उत्पीड़न समिति’ उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।’’

आरोप है कि झा ने पीड़िता को व्हाट्सएप पर अनुचित संदेश भेजे थे। झा के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी ट्विटर पर पोस्ट किए जा चुके हैं। ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक भाटिया ने अपने बयान में कहा कि आरोप लगाने वाली दो महिलाओं या उनके साथ घटनाओं के बारे में उन्हें कुछ याद नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी ताकत से इन आरोपों का खंडन करता हूं।’’

#MeToo के जरिए खुलकर सामने आ रही हैं महिलाएं

गौरतलब है कि हॉलीवुड के फिल्मकार हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ यौन शोषण का मामला अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित होने के बाद से विश्व भर की महिलाएं खामोशी तोड़ते हुए ‘मी टू’ अभियान के जरिए अपनी-अपनी बाते खुलकर रख रही हैं। इस अभियान के जरिए कई बॉलीवुड अभिनेत्रियां भी खुलकर सामने आई हैं। विशेषकर तनुश्री दत्ता के विवाद के बाद से ‘मी टू’ अभियान काफी तेजी के फैल रहा है। तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर आरोप लगाने के बाद, महिलाओं की ऐसी कई और आवाजें सोशल मीडिया पर बुलंद होने लगी हैं।

अब महिला पत्रकार भी उन औरतों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपने यौन उत्पीड़न के अनुभव लिखने शुरू कर दिए हैं। आपको बता दें कि यौन उत्पीड़न, यानी किसी के मना करने के बावजूद उसे छूना, छूने की कोशिश करना, यौन संबंध बनाने की मांग करना, सेक्सुअल भाषा वाली टिप्पणी करना, पोर्नोग्राफी दिखाना या कहे-अनकहे तरीके से बिना सहमति का सेक्सुअल बर्ताव करना होता है। इन दिनों फिल्म, मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों पर लगे यौन प्रताड़ना के आरोप से सोशल मीडिया पर चर्चा गर्म है।

#MeToo और #TimesUp अभियान के तहत भारतीय महिलाएं आपबीती बता रही हैं। इसमें अपने साथ हुए दुर्व्यवहारों और प्रताड़ना को सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ये महिलाएं कुछ सबूत भी पेश कर रही हैं। इन आरोपों के बाद यह बहस तेज हो गई है कि कैसे किसी ऑर्गेनाइजेशन या दफ्तर के भीतर ही सारी चीजें घटित हो रही हैं और किसी को भनक तक नहीं लग रही। यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े कई संस्थानों ने अब कार्रवाई की बात कही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here