समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर बॉलीवुड स्टार्स ने जताई खुशी, करण जौहर बोले- देश को ऑक्सीजन वापस मिल गई

0

समलैंगिकता को अपराध मानने वाली आइपीसी की धारा 377 की वैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 सितंबर) को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि दो बालिगों में सहमति से बनाए गए संबंध अपराध नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को अवैध करार दे दिया है। बता दें कि आईपीसी की धारा-377 के तहत समलैंगिकता को अपराध माना गया था।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने एक मत से सुनाए गए फैसले में दो बालिगों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 के प्रावधान को खत्म कर दिया है। धारा 377 को अवैध करार दिए जाने के बाद से पूरे देश में जश्न का माहौल है। बॉलीवुड सितारों ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खुशी जाहिर की है। करण के अलावा कई अन्य बॉलीवुड स्टार्स ने भी इस फैसले पर खुशी जताई है।

बॉलीवुड के मशहूर फिल्म डायरेक्टर करण जौहर ने ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। उन्होंने समलैंगिकता को अपराध नहीं मानने और धारा 377 खत्म करने पर देश को ऑक्सीजन वापस मिलने की बात कही है। करण जौहर ने ट्वीट किया, ‘ऐतिहासिक फैसला। बहुत गर्व महसूस हो रहा है। समलैंगिकता को अपराध नहीं मानना और धारा 377 को खत्म करना मानवता तथा समान अधिकारों के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस देश को अपना ऑक्सीजन वापस मिल गया है।’

समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी ट्वीट किया है। स्वरा ने सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन दर्ज करने वाले और इससे जुड़े कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। स्वरा ने ट्वीट कर कहा है कि भारत अब ऐसा आजाद देश हो गया है, जहां हर वर्ग के लोग रह सकते हैं।

वहीं, अभिनेता आयुष्मान खुराना ने भी ट्वीट करके ‘RIP Section 377’ लिखा है। आयुष्मान ने आगे लिखा है, ‘आज का दिन विकासशील भारत में एक नई चमक बढ़ गई है।’

मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन ने भी समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए फैसले से खुशी जाहिर करते हुए तस्वीर साझा की है।

इन सभी के अलावा नेहा धूपिया, दिया मिर्जा, सोनम कपूर, प्रिति जिंटा, रिचा चड्ढा, राजकुमार राव, मनोज वाजपेयी, सहित तमाम सितारों ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर 2013 को सुरेश कुमार कौशल बनाम नाज फाउंडेशन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए समलैंगिकता को अपराध माना था। 2 जुलाई 2009 को दिल्ली हाईकोर्ट ने धारा 377 को अंसवैधानिक करार दिया था। इस मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। आईपीसी की धारा 377 के अनुसार यदि कोई वयस्‍क स्वेच्छा से किसी पुरुष, महिला या पशु के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध स्थापित करता है तो, वह आजीवन कारावास या 10 वर्ष और जुर्माने से भी दंडित हो सकता है। जिसके अब सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दे दिया है।

 

 

Pizza Hut

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here