CAA Protest: बिहार बंद के दौरान CAA के खिलाफ हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम युवक की हत्या के पीछे हिंदूवादी संगठनों का हाथ? 6 लोग गिरफ्तार

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जमकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है। इस प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में हिंसात्मक घटनाएं भी हुईं, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। वहीं, बिहार में सीएए और एनआरसी के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान एक मुस्लिम युवक की हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस ने इस हत्या के मामले में हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतक की बीती 21 दिसंबर को हत्या हुई थी और उसके 10 दिन बाद उसका शव बरामद किया गया है। बिहार में बंद के दौरान मृतक आमिर हंजला नाम का एक मुस्लिम युवक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर प्रदर्शन कर रहा था।

बिहार
फाइल फोटो, BBC: (मृतक आमिर हंजला)

दरअसल, बिहार में 21 दिसंबर को राज्य की मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तरफ से सीएए और एनआरसी के खिलाफ बुलाए गए बिहार बंद के दौरान आमिर हंजला (18) नाम के एक मुस्लिम युवक की हत्या कर दी गई थी और हत्या के 10 दिन बाद यानी 31 दिसंबर को उसका शव बरामद हुआ था। इस हत्या के मामले में बिहार के फुलवारी शरीफ पुलिस ने हिंदू पुत्र संगठन के कार्यकर्ता नागेश सम्राट (23) और हिन्दू समाज संगठन के कार्यकर्ता विकास कुमार (21) को आरोपी बनाया है। इनके अलावा इस मामले में पुलिस ने दीपक महतो, छोटू महतो, सनोज महतो उर्फ धेलवा और रईस पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी अपराधी हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फुलवारी शरीफ पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रफीकुर रहमान ने बताया कि “हमारी जांच में पता चला है कि जब CAA का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तितर-बितर किया तो पीड़ित आमिर भी प्रदर्शन छोड़कर भाग गया, लेकिन कुछ लड़कों ने उसे संगत गली में पकड़ लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि, ईंटों और अन्य नुकीली चीजों से वार कर आमिर की हत्या की गई। आमिर के सिर में चोट के निशान मिले हैं, वहीं उसके शरीर पर भी कटे के निशान पाए गए हैं। उसके पेट में भी काफी रक्त इकट्ठा पाया गया है, जिससे पता चलता है कि उसे अंदरुनी ब्लीडिंग हुई थी।”

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, मृतक के पिता सोहेल अहमद ने कहा कि वह पहली बार किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था। उन्होंने कहा कि “उसकी क्या गलती थी? वह तिरंगा पकड़े हुए था।” आमिर के पिता एक तबलीगी जमात का हिस्सा हैं। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की कि हिंदू पुत्र संगठन उन 19 संगठनों में शामिल है, जिनके कार्यालयों और पदाधिकारियों की जानकारी बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच द्वारा बीते मई माह में मांगी गई है।

हंजला हत्या मामले में गिरफ्तार अन्य लोग दीपक महतो, छोटू महतो, सनोज महतो उर्फ ढेलवा और रईस पासवान हैं, जिन्हें पुलिस ने “ज्ञात अपराधी” के रूप में वर्णित किया है। पुलिस ने कहा कि यह दीपक, छोटू और सनोज से ही उन्हें हंजला के शरीर के स्थान के बारे में पता चला।

पुलिस के मुताबिक, 21 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की साजिश में हिन्दू संगठन से जुड़े जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, वे दोनों ही भीड़ में शामिल थे। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी पटना के निवासी नहीं हैं। तीन साल पहले बिहार में हुए सांप्रदायिक दंगों में शामिल भीड़ को बाहर से प्रायोजित तरीके से बुलाया गया था। फिलहाल, पुलिस और सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है।

BBC हिन्दी की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर छह भाई बहन हैं और पिता बेरोजगार हैं। पैसों की कमी के कारण ही महज 18 साल की उम्र में आमिर ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और बैग बनाने वाली एक कंपनी में काम करने लगे थे। उनसे छोटे तीन भाई हैं, तीनों अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

पिता सोहैल अहमद का कहना है कि, “एक कमाने वाला था, वो भी गया। अब फिर से किसी की पढ़ाई छुड़ानी पड़ेगी। मेरे बेटे की भरपाई तो नहीं हो सकती, मगर मैं बिहार सरकार से इतनी ही गुज़ारिश करूंगा कि हम मज़लूमों पर रहम करे। कम से कम हमें उचित मुआवजा दे दे। मेरे एक बेटे को नौकरी दे दे, जिससे हमारा परिवार चल सके।”

गौरतलब है कि, नागरिकता संशोधन कानून का कांग्रेस, टीएमसी समेत लगभग सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम में इस ऐक्ट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हुए थे। देश की कई हिस्सों में लोग इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में भी हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

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