CM योगी के दौरे से पहले हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल परिसर में किया शिव चालीसा का पाठ

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दुनिया के सात अजूबों में शुमार भारत की धरोहर ताजमहल को लेकर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजमहल पर चल रहें विवादों के बीच कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार(23 अक्टूबर) को ताजमहल परिसर में पहुंचकर वहां शिव चालीसा का पाठ पढ़ना शुरू कर दिया। यह देखते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया।

ताजमहल
फोटो- ANI

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ व हाथरस के करीब आधा दर्जन युवा दोपहर डेढ़ बजे के करीब वीडियो प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और जोर-जोर से शिव चालीसा का पाठ करने लगे। ताजमहल देखने आए विदेशी पर्यटक भी इस घटना को कैमरे में कैद करने लगे।

जैसे ही यह बात वहां तैनात एएसआई के कर्मियों को पता चली तो हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने सभी को पकड़ लिया। रोकने पर उनकी सीआईएसएफ जवानों और एएसआई कर्मियों से तकरार हुई।

सीआईएसएफ जवान उन्हें गेस्ट रूम ले गए, जहां लिखित माफीनामा लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बता दें कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा आ रहे हैं और वह 30 मिनट तक ताजमहल में रहेंगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले को खत्म करने का प्रयास करते हुए कहा था कि यह मायने नहीं रखता कि ताजमहल को किसने और क्यों बनवाया। भारत के मजदूरों के खून और पसीने से बना है, हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। खासतौर पर पर्यटन के जरिए यह हमारी प्राथमिकता में है और पर्यटकों को सुविधाएं एवं सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी है।

हरियाणा सरकार के मंत्री ने कहा था ‘खूबसूरत कब्रिस्तान’

कुछ दिन पहले हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा था कि ताजमहल एक ख़ूबसूरत कब्रिस्तान है और इसीलिए घरों में ताजमहल का मॉडल रखना अशुभ मानते हैं। बता दें कि इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कहा था कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर ‘तेजो महल’ है, जिसे शाहजहां ने मकबरे में तब्दील कर दिया।

ताजमहल पर क्या है पूरा विवाद?

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की सरधना सीट से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को ‘भारतीय संस्कृति पर कलंक’ बताते हुए कहा गद्दारों के बनाए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए। रविवार(15 अक्टूबर) को मेरठ के गांव सिसौली में एक मूर्ति के अनावरण समारोह में बीजेपी विधायक ने कहा कि ताजमहल को गद्दारों ने बनवाया था, उसका नाम भारत के इतिहास में नहीं होना चाहिए।

सरधना के विधायक सोम ने कहा कि इसे एक ऐसे बादशाह ने बनवाया, जिसने अपने पिता को बंदी बनाया और हिंदुओं पर अत्याचार किए। जबकि सच्चाई यह है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था और उनके पुत्र औरंगजेब ने उन्हें अंतिम समय तक बंदी बनाकर रखा था।

बीजेपी विधायक ने कहा कि देश के असली महापुरुष महाराणा प्रताप, शिवाजी आदि का इतिहास अब स्कूल कॉलेजों में बच्चों को पढ़ाया जायेगा। उन्होंने दावा किया बीजेपी सरकार इतिहास को बदलेगी और हिंदू राजाओं की वीरता एवं बलिदान को सम्मान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार देश के इतिहास से अकबर, बाबर और औरंगजेब की कलंक कथा को मिटाने का काम कर रही है। साथ ही देश में हिंदुओं के इतिहास को दर्शाया और पढ़ाया भी जाएगा। सोम ने कहा कि ताजमहल को बनाने वाले ने अपने पिता को कैद कर लिया था और हिंदुओं पर अत्याचार भी किए थे।

संगीत सोम ने कहा भारत का इतिहास बेहद गौरवशाली है। इसमें कृष्ण, भगवान शिव और विष्णु भगवान जैसे अवतारों का भी इतिहास है। ऐसे गौरवशाली इतिहास को दिखाया और पढ़ाया भी जाएगा। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों का सफाया करने में देश और प्रदेश की सरकार का लोग साथ दें।

ओवैसी बोले- लाल किले को भी ‘गद्दारों’ ने बनाया था, क्या मोदी तिरंगा फहराना छोड़ देंगे?

संगीत सोम के विवादित बयान पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए सोमवार(16 अक्टूबर) को सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराना बंद कर देंगे, क्योंकि वह भी गद्दारों ने बनाया था? ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘लाल किले को भी ‘गद्दारों’ ने बनाया था।

तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा फहराना छोड़ देंगे? क्या मोदी और योगी घरेलू और विदेशी पर्यटकों से कहेंगे कि वे ताजमहल को देखने ना आएं? एक और ट्वीट में ओवैसी ने कहा कि यहां तक कि दिल्ली में हैदराबाद हाउस को ‘गद्दारों’ ने ही बनाया था। क्या मोदी यहां विदेशी मेहमानों की मेजबानी छोड़ देंगे?

आजम बोले- संसद और राष्ट्रपति भवन को भी गिरा देना चाहिए

वहीं, संगीत सोम के विवादित बयान पर बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी(सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने मंगलवार(17 अक्टूबर) को कहा कि अकेले ताजमहल ही क्यों? संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, लालकिला क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि ये सब गुलामी की निशानी है इन सभी को गिरा देना चाहिए।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में आजम खान ने कहा कि मैं पहले से कहता आ रहा हूं कि गुलामी की उन तमाम निशानियों को मिटा देना चाहिए जिससे कल के शासकों की बू आती हो। सपा नेता ने कहा कि जाहिर है जिन्हें आरएसएस के लोग गद्दार कहते हैं, अगर ये गद्दारों की निशानियां है तो इसे ध्वस्त कर देना चाहिए।

विनय कटियार ने ताजमहल को बताया ‘भगवान शिव का मंदिर’

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने कहा कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर ‘तेजो महल’ है, जिसे शाहजहां ने मकबरे में तब्दील कर दिया। कटियार ने कहा कि ताजमहल हिन्दू मंदिर है। जिसको तेजो महल कहा जाता था। उन्होंने दावा कि शाहजहां ने इसमें अपनी पत्नी को दफनाने के बाद इसे एक मकबरे में बदल लिया था।

कटियार ने कहा कि ‘तेजो महल’ को हिन्दू राजाओं ने बनवाया था। उसका स्थापत्य और शिल्प देखकर लगता है कि वह हिन्दू धर्म से जुड़ी कोई इमारत थी। बीजेपी से राज्यसभा सदस्य ने दलील देते हुए कहा कि शिव मंदिर की तरह ताजमहल की छत से भी पानी टपकता है। ऐसा किसी मकबरे में नहीं होता। तेजो महल एक मशहूर इमारत थी, जिसे शाहजहां ने हथिया लिया था।

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