मध्य प्रदेश: कोरोना वायरस की जांच के लिए गए स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला, पत्थर और डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर मारा, देंखे वीडियो

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देश में तेजी से फैल रहे घातक कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन का पालन कराने के लिए हर राज्य की पुलिस और प्रशासन मुस्तैद है। लेकिन, इस बीच मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस की जांच के लिए गए स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला किया गया, भीड़ ने पत्थर और डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर मारा। घटना टाटपट्टी बाखल इलाके का बताया जा रहा है।

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बताया जा रहा है कि, यहां पर स्वास्थ्यकर्मियों की टीम कोरोना वायरस स्क्रीनिंग के लिए पहुंची थी। इस बात पर स्थानीय लोग भड़क गए और उन्होंने कथित तौर पर पुलिस के बैरिकेड को तोड़ा और स्वास्थ्यकर्मियों पर पथराव कर दिया। बाद में पुलिसवालों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। इस पूरे घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग भी अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, “इस भयावह स्थिति में भी अपने परिवार और जान की चिंता किये बिना जन सेवा कर रहे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ इस प्रकार का व्यवहार! कसूर सिर्फ इतना कि कोरोना के मरीज़ की सहायता की। साफ़ दर्शाता है की अभी भी लोगों को आपदा कितनी बड़ी है समझ नहीं आ रहा। हद्द है! कार्यवाही होनी चाहिए!”

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद जिले के कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि, ‘डॉक्टर और हेल्थ स्टाफ से कोई भी बदतमीजी करेगा तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहता हूं। हमारी टीम-डॉक्टर, पुलिसकर्मी दिन रात मेहनत कर रहे हैं और शहर की जनता के स्वास्थ्य के लिए घूम रहे हैं। इनके साथ यदि कोई बदतमीजी होगी तुरंत FIR होगी, गिरफ्तारी होगी और जेल भी भेजा जाएगा।’

उन्होंने आगे कहा कि, इस मामले में एक शख्स की पहचान हो गई है। वह गैरेज वाला है, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हमें यह देखना है कि कोई बाहर न जाए और यहां कोई अंदर ना आए। वहीं, इंदौर डीआईजी ने बताया कि शहर में अतिरिक्त फोर्स की भी बहाली की जा रही है।

बता दें कि, हाल ही में पीएम मोदी ने वाराणसी के लोगों के साथ संवाद करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बुरे बर्ताव पर कहा था कि, संकट की इस घड़ी में अस्पतालों में सफेद कपड़ों में दिख रहे डॉक्टर-नर्स, ईश्वर का ही रूप हैं। खुद को खतरे में डालकर ये हमें बचा रहे हैं। इनके साथ बुरा बर्ताव होता दिखे तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं। डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ जिंदगी बचाते हैं और हम उनका ऋण कभी नहीं उतार सकते।

गौरतलब है कि, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देश में 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि ‘पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होगा, उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन कर्फ्यू की तरह ही होगा।’ इस लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को समाप्‍त होगी।

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