बैंकों से कैश निकालने पर बड़ा फैसला, चार बार से अधिक निकासी पर देनी होगी फीस

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नोटबंदी के बाद अभी हालात सामान्य भी नहीं हुए है कि बैंकों ने लोगों को एक बड़ा झटका देने का फैसला ले लिया है। विशेष तौर पर एचडीएफसी के खाताधारकों के लिए यह बुरी खबर है कि अब यह बैंक नकद लेनदेन पर अब ज्यादा फीस वसूलेगा।

नोटबंदी

यही नहीं ग्राहक अब बैंक से रोजाना केवल 25000 रुपये ही नकद निकाल सकेंगे। बैंक ने अपनी शाखाओं में नकद लेनदेन की संख्या भी कम कर दी है। अब पांच की जगह, चार बार ही नकदी निकासी की जा सकेगी।

बैंक के मुताबिक यह नकद लेन-देन से लोगों को हतोत्साहित करने का एक प्रयास है। सरकार नोटबंदी के बाद लोगों को नकद-रहित और डिजिटल लेन-देन के लिये प्रोत्साहित कर रही है। इस लिहाज से बैंक का यह कदम महत्वपूर्ण है।

निजी बैंकों में दूसरा सबसे बड़ा बैंक एचडीएफसी अब कैश ट्रांजेक्शन पर ज्यादा फीस वसूल करेगा। बैंक ने अपनी शाखाओं में कैश ट्रांजेक्शन की संख्या भी कम कर दी है।

अब 5 की जगह, 4 बार ही नकदी पैसा मुफ्त निकाला जा सकेगा। बैंक की वेबसाइट के मुताबिक बैंक ने रोजाना के लेन देन में नॉन फ्री ट्रांजेक्शन पर चार्ज भी बढ़ाया है। नॉन फ्री ट्रांजैक्शन के लिए फीस भी 50 फीसदी बढ़ाकर 150 रुपये कर दी गई है। इसी तरह बैंक ने रोजाना नकदी जमा करने और निकालने की सीमा भी तय की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉन-फ्री ट्रांजैक्शन के लिए फी भी 50 फीसदी बढ़ाकर 150 रुफए कर दिया है। इससे पहले प्रतिदिन निकासी और जमा दोनों में 50,000 रु. के कैश ट्रांजैक्शन की अनुमति थी। नई फी पॉलिसी सिर्फ सैलरी और सेविंग्स अकाउंट्स के लिए लागू होगी।

बैंक ने होम ब्रांचेज में भी फ्री कैश ट्रांजैक्शन दो लाख रुपये पर सीमित कर दिया है। इसमें जमा और निकासी  शामिल हैं।इसके ऊपर ग्राहकों को न्यूनतम 150 रुपये या पांच रुपये प्रति हजार का भुगतान करना होगा।

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