दिल्ली हाईकोर्ट से AAP को झटका, VVPAT मशीनों से MCD चुनाव कराने की मांग खारिज

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आम आदमी पार्टी(AAP) को शुक्रवार(21 अप्रैल) को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली नगर निगम(MCD) चुनावों में मतदान के लिए EVM के साथ वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीन अटैच करने की गुजारिश की थी। हाइकोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि अदालत आखिरी समय में ऐसा फैसला नहीं दे सकती।

बता दें कि 23 अप्रैल को होने वाले नगर निगम के चुनाव के लिए AAP ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने की दलील देते हुए यह याचिका दायर की थी। दरअसल, आम आदमी पार्टी चाहती थी कि 23 अप्रैल को होने वाले दिल्ली नगर निगम के चुनाव उन्हीं EVM मशीनों से हो, जिनमें कागज की पर्ची निकालने वाली VVPAT मशीन अटैच हो। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव के अंतिम क्षणों में इस तरह के आदेश पास नहीं किए जा सकते हैं।

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जस्टिस एके पाठक ने अपने आदेश में कहा कि VVPAT की दूसरे और तीसरे जेनरेशन की मशीनें लगवाने का आदेश इस समय नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इससे चुनाव प्रक्रिया में देरी होगी। बता दें कि यह मशीन मतदाता को वह पर्ची देती है, जिसमें उसके द्वारा वोट दी गई पार्टी का चुनाव चिह्न अंकित होता है। यह स्लिप कुछ देर बाद अपने आप ही एक सील्ड बॉक्स में गिर जाती है।

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हाई कोर्ट में यह याचिका AAP के साथ-साथ MCD चुनाव के उम्मीदवार मोहम्मद ताहिर ने भी दायर की थी। उनका तर्क था कि चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली इन मशीनों से छेड़छाड़ की जा सकती है। हालांकि, इस याचिका को खारिज करने से पहले बहस के दौरान अदालत ने दिल्ली के राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि सुब्रह्मण्यन स्वामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर VVPAT EVM का चुनाव क्यों नहीं किया गया?

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कोर्ट ने कहा कि ऐसी मशीनें खरीदी जानी चाहिए। जबकि, बहस के दौरान दिल्ली चुनाव आयोग ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा MCD चुनाव में EVM की विश्वसनीयता पर इस तरह से सवाल उठाए जाने से जनता को गलत संदेश जाएगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट सुब्रमण्यम स्वामी के मामले में आदेश दे चुकी है कि इस तरह की मशीनों को चरणबद्ध तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को MCD चुनाव के लिए मतदान होगा और इसका परिणाम 26 अप्रैल को आएगा।

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