गुरुग्राम में नमाज पर विवाद: अब खट्टर के मंत्री बोले- ‘जमीन कब्जाने की नीयत से नमाज पढ़ने की नहीं दी जा सकती इजाजत’

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हरियाणा के गुरुग्राम में हाल ही में कथित तौर पर कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा कई जगहों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नमाज पढ़ने से रोके जाने के विवाद मामले में प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बाद अब उनके मंत्री अनिल विज ने भी बयान दिया है। विज ने कहा है कि जमीन पर कब्जा जमाने की नीयत से नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बता दें कि बीते शुक्रवार को गुरुग्राम में कथित हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोगों की ओर से शहर के कई इलाकों में नमाज में बाधा पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी।

(Parveen Kumar / HT File Photo)

जिस पर रविवार (6 मई) को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मस्जिदों, ईदगाहों और निजी स्थानों पर ही नमाज पढ़ी जानी चाहिए। सीएम खट्टर ने कहा था, ‘यह हमारी ड्यूटी है कि कानून और व्यवस्था को बनाया रखा जाए। खुले में नमाज पढ़ने का प्रचलन बढ़ा है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की बजाय मस्जिद और ईदगाह में जाना चाहिए।’

 

इस बीच उनकी सरकार के मंत्री अनिल विज ने इस मसले को और तूल देते हुए कहा है कि जमीन कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक विज ने कहा, ‘कभी-कभार अगर किसी को पढ़नी पड़ जाती है तो धर्म की आजादी है। लेकिन, किसी जगह को कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। उसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री खट्टर ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘हमारा कहना है कि जो नमाज पढ़ने का स्थान है, वहां नमाज पढ़नी चाहिए। नमाज मस्जिद में पढ़नी चाहिए और नमाज ईदगाह में पढ़नी चाहिए। नमाज पढ़ने का स्थान कम पड़े तो निजी स्थान पर पढ़ना चाहिए। ये ऐसे विषय नहीं हैं जिनका सार्वजानिक स्थानों पर प्रदर्शन न हो।’

यह पूछे जाने पर कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार की क्या रणनीति होगी, उन्होंने कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।’ साथ में उन्होंने यह भी कहा कि खुले में नमाज पढ़ने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। खट्टर ने कहा, ‘जब तक किसी को आपत्ति नहीं है तब तक ठीक है लेकिन अगर किसी भी विभाग से शिकायत आती है हमें सावधान रहना होगा। इसलिए हम इस पर नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन हाल ही में खुले में नमाज पढ़ने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है। हम कोशिश कर रहे हैं कि नमाज उसके निर्धारित स्थान पर पढ़ी जाए, न कि सार्वजनिक स्थानों पर।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि निर्धारित जगहों पर ही नमाज अदा की जाए, ना कि सार्वजनिक इलाकों में।’

क्या है मामला?

दरअसल, बीते शुक्रवार को गुरुग्राम में कथित हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोगों की ओर से शहर के कई इलाकों में नमाज में बाधा पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। करीब 10 इलाकों में भीड़ की ओर से ‘जय श्री राम’ और ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ जैसे लगाए जाने और नमाज में बाधा पैदा करने के चलते अजीब माहौल हो गया था। खासतौर पर यह घटनाएं शहर के व्यस्त इलाकों इफको चौक, उद्योग विहार, लेजर वैली पार्क और एमजी रोड पर हुई थीं।

हालांकि, इसे लेकर कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई थी। गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में कहा था कि नमाज स्थलों पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। कुछ तथाकथित हिन्दुवादी संगठन पिछले दो सप्ताह से गुरुग्राम में नमाज में बाधा डाल रहे हैं। उन लोगों का आरोप है कि नमाज पढ़ने के नाम पर जमीन पर कब्जा करके उसे मस्जिद में मिलाने की साजिश की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग वजीराबाद, अतुल कटारिया चौक, साइबर पार्क, बख्तावर चौक, आदि जगहों पर शुक्रवार को जुमे की नमाज पढने के लिए जमा हुए थे। लेकिन इसी बीच उन्हें नमाज पढ़ने से रोकने के लिए वहां विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, हिन्दू क्रांति दल, गऊ रक्षक दल और शिवसेना के सदस्य भी पहुंच गए। आरोप है कि इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नमाज में बाधा डालने के लक्ष्य से कथित रूप से ‘‘जय श्री राम’’ और ‘‘राधे-राधे’’ के नारे लगाए।

इन घटनाओं के संबंध में गुरुग्राम पुलिस के जन संपर्क अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया था कि पुलिस को इस संबंध में किसी पक्ष की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। कायत मिलने पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकेगी। दरअसल, यह विवाद दो हफ्ते पहले तब उत्पन्न हुआ था जब कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नमाज का विरोध किया था और आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने नमाज पढ़ने के दौरान यहां ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।

पिछले हफ्ते गुरुवार को सेक्टर 53 के मैदान में नमाज में व्यवधान उत्पन्न करने और धमकाने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वाजिद खान और नेहरू वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हाजिद शहजाद खान की शिकायत पर 5 लोगों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।

 

 

1 COMMENT

  1. Chutiya namaz kahi bhi Padi ja sakti hain bas masajid nahi Bana saktey jab tak uska payment paid nahi ho jata.
    Ya kisi ki land per kabza karke nahi pad saktey
    Stupido first learn same thing about Islam then act like a pig.

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