हरियाणा: खट्टर सरकार ने 3.8 लाख रुपए में खरीदी 10 भगवत गीता, विपक्ष ने उठाए सवाल

0

हरियाणा में गीता जयंती महोत्सव-2017 के आयोजन पर राज्य सरकार के द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने पर सवाल उठ रहे हैं। 25 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच आयोजित हुए इस फेस्टिवल में कितना पैसा लगा, इस बात का खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है। आरटीआई के जरिए खुलासा हुआ है कि हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भगवत गीता की 10 कॉपियां खरीदने के लिए लगभग 3.8 लाख रुपये का खर्च किए।

Khattar
file photo

इसका मतलब यह है कि, एक किताब को खरीदने पर कुल 38,000 रुपये खर्च किए। इस खुलासे के बाद खट्टर सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे और विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई है। इसी बीच, इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने हरियाणा की बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

INLD दल के नेता और हिसार से लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर कहा कि, भगवद् गीता जयंती पर खट्टर सरकार द्वारा 3.8 लाख रुपए में गीता की दस कॉपियों की खरीद। इस हिसाब से एक भगवद् गीता की कीमत लगभग 38 हजार रूपये है। वाह नरेंद्र मोदी जी, हरियाणा में कितनी ईमानदार सरकार है। भगवत गीता के नाम पर भी चोरी, ऊपर से सीनाजोरी।

इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक INLD के नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि, श्रीमद् भागवत गीता ऑनलाइन और गीता प्रेस में बेहद ही कम दामों में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार को इस बात पर सफाई देनी चाहिए कि इतने ज्यादा दामों में गीता क्यों खरीदी गई।

आरटीआई में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इस इवेंट में दो भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) सांसदों को भी पैसे दिए गए थे। सांसद हेमा मालिनी को 20 लाख तो वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मनोज तिवारी को 10 लाख रुपए दिए गए थे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चौटाला ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, लेकिन उन्हीं के सांसदों को इतना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है और वह भी एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए। चौटाला ने कहा कि खट्टर सरकार ने इस कार्यक्रम में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार कुछ लाखों में ही इसका आयोजन कर देती थी।

साथ ही उन्होंने कहा कि, अगर हरियाणा सरकार इस मामले पर कोई जांच नहीं करेगी तो मैं कैग (CAG) से इसकी शिकायत करूंगा।’ आरटीआई में यह भी सामने आया है कि ब्रह्म सरोवर की मरम्मत में 1 करोड़ रुपए खर्च किए गए जबकि 2016 में मात्र 38 लाख रुपए में ही इसकी मरम्मत कर दी गई थी। आईएनएलडी ने आरोप बीजेपी पर यह कॉन्ट्रैक्ट करीबियों को देने का आरोप लगाया है।

वहीं हरियाणा सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि गीता महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा, हम इस मामले में जांच का आदेश देंगे और अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here