VIDEO: निधन से कुछ देर पहले ही सुषमा स्वराज ने हरीश साल्वे से फोन पर की थी बातचीत, बुधवार को 1 रुपये की फीस लेने के लिए बुलाया था

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मंगलवार रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 67 साल की थीं। सुषमा स्वराज के निधन से देश में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार आज लोधी रोड के शवदाह गृह में राजकीय सम्मान के साथ दोपहर 3 बजे किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले पार्थिव शरीर दिल्ली के बेजीपी मुख्याल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल का दौरा पड़ने के बाद मंगलवार रात करीब 10 बजकर 15 मिनट पर उन्हें दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। सुषमा स्वराज के निधन पर दिल्ली सरकार ने दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्य में इस दो दिन तक कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा।

हरीश साल्वे

67 वर्षीय सुषमा स्वराज ने निधन से महज एक घंटे पहले प्रसिद्ध वकील और इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में कुलभूषण जाधव मामले में भारत का पक्ष रखने वाले वकील हरीश साल्वे से बातचीत की थी। उनसे आखिरी बातचीत को याद कर साल्वे काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सुषमा जी ने उन्हें बुधवार को मिलने के लिए बुलाया था और कहा था कि अपनी 1 रुपये की फीस आकर ले लो।

बता दें कि पूर्व सॉलिसिटर जनरल साल्वे ने जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव केस को ICJ में लड़ने के लिए महज रुपये की प्रतीकात्मक फी ली थी, जबकि पाकिस्तान ने 20 करोड़ रुपये खर्च किए थे। ICJ में साल्वे की दलीलों से भारत के पक्ष में फैसला आया तो पाकिस्तान को जाधव तक कंसुलर ऐक्सेस देने का आदेश पारित हुआ।

हरीश साल्वे ने टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मंगलवार को ही रात 8 बजकर 50 मिनट पर सुषमा स्वराज से बातचीत हुई थी। उन्होंने याद किया, ‘सोमवार 8:50 पर मैंने उन्हें फोन किया था। अब जब यह खबर सुना तो मैं सन्न रह गया। बहुत ही भावुक बातचीत हुई। उन्होंने मुझे कहा कि तुम कल 6 बजे आओ अपना एक रुपये का फीस लेने के लिए।’ चैनल से बातचीत में साल्वे काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं सूझ रहा कि मैं क्या बोलूं। वह कद्दावर और ताकतवर मंत्री थीं। मेरे लिए उनका निधन एक बड़ी बहन के खो जाने जैसा है।’

सुषमा स्वराज मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री थीं। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रही थीं। 16वीं लोकसभा में वह मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद चुनी गई थीं। लेकिन इस बार उन्होंने खराब स्वास्थ्य की वजह से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। विदेश मंत्री रहते हुए वह सोशल मीडिया पर शिकायतों को सुनने और उनके निपटारे के लिए काफी लोकप्रिय थीं।

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