गुजरात पहुंचते ही हार्दिक पटेल का पीएम मोदी पर निशाना कहा, दो लाख का सूट पहनते हो खुद को गांधी कहते हो

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अपने गृह राज्य से बाहर छह महीने का समय बिताने के बाद पटेल कोटा आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल आज गुजरात लौट आए और राजस्थान की सीमा से सटे रतनपुर में उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।

हार्दिक पटेल

आज दोपहर रतनपुर सीमा से अपने गृह राज्य में जैसे ही हार्दिक ने प्रवेश किया पटेल समुदाय के सैकड़ों नौजवानों ने उनका स्वागत किया। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा ”दो लाख रुपये का सूट पहनते हो और आप खुद को गांधी कहते हो। आप चरखे के पास बैठ नहीं सकते और खुद को गांधी कहते हो।” उन्‍होंने पाटीदार आरक्षण आंदोलन को फिर से जिंदा करने का आह्वान भी किया।

भाषा की खबर के अनुसार, उन्होंने बताया कि वहां पहुंचने पर हार्दिक ने अपने समुदाय के लिए न्याय पाने का संकल्प जताते हुए कहा, ‘‘महान नेताओं और शहीदों की इस धरा को मैं नमन करता हूं। मैं हमेशा अपने समुदाय के लोगों को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ता रहूंगा।’’ उनकी भविष्य की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘समय आने पर रणनीति अपनायी जाएगी, मैं इसका अभी खुलासा नहीं कर सकता।’’ गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पटेल आन्दोलन के अग्रणी नेता हार्दिक पटेल ने छह महीने का समय उदयपुर में बिताया।

4 COMMENTS

  1. Suresh Ranka shared Shashi Kant Goyal’s post.
    1 min ·

    Shashi Kant Goyal
    4 hrs ·
    नेताओं के गुरु केजरीवाल!

    डॉ. वेदप्रताप वैदिक (11 अक्टूबर 2015)
    ( लेख पुराना है, लेकिन सटीक है )

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सचमुच एतिहासिक कार्य किया है| उन्होंने अपने खाद्य मंत्री असीम अहमद खान को रिश्वत लेने के आरोप में हटा दिया| ऐसा नहीं है कि इसके पहले आज तक कोई भी मंत्री नहीं हटाया गया है| कई प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने भ्रष्टाचार के आरोप में अपने मंत्रियों को हटाया है लेकिन कब हटाया है? तब जबकि संसद और अखबारों में जबर्दस्त हंगामा हो गया हो या विधानसभा और लोकसभा ठप्प हो गई हो| पिछले साठ साल में मुझे ऐसी एक भी घटना याद नहीं आ रही है, जिसमें किसी मंत्री के भ्रष्टाचार को उसके मुख्यमंत्री ने ही पकड़ लिया हो और जिसका जिक्र किसी अखबार, टीवी चैनल या सदन में भी न हुआ हो| उस भ्रष्टाचार का भांडाफोड़ भी खुद मुख्यमंत्री ने पत्रकार-परिषद बुलाकर किया हो|

    दूसरे शब्दों में अरविंद ने इतिहास बनाया है| यह घटना देश के इतिहास में बरसों तक याद की जाएगी| देश के सभी प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के लिए अब अरविंद केजरीवाल लगभग गुरु बन गए हैं| उनका आचरण नेताओं के लिए अनुकरणीय बन गया है|

    ‘आप’ की सरकार पर यह प्रश्न जड़ा जा सकता है कि यह दो-तीन साल पुरानी पार्टी है और इसकी सरकार को बने अभी साल भर ही बीता है, फिर भी इसके दो मंत्रियों और दो-तीन विधायकों को अपराधिक मामलों में पकड़ा गया है| यह कैसी पार्टी और कैसी सरकार है? इसकी इज्जत क्या रह गई है और इस पर कैसे भरोसा किया जाए?

    यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है लेकिन हम यह न भूलें कि यह नई-नई पार्टी है| इसके दरवाजे सबके लिए खुले हैं| एक-दूसरे के लिए सब नए हैं| इसीलिए अवांछित तत्वों का घुस आना भी स्वाभाविक है लेकिन ऐसे तत्वों को छांटने का जैसा काम केजरीवाल ने किया है, वैसा तो जवाहरलाल नेहरु भी नहीं कर सके| नेहरु के मंत्रिमंडल में कई भ्रष्टाचारी मंत्री घुस आए थे लेकिन नेहरु ने खुद पहल करके उन्हें नहीं निकाला| प्रतिपक्ष और संसद का दबाव पड़ने पर मजबूरन कार्रवाई की|

    केजरीवाल के इस दिग्गजाना कदम के आगे नरेंद्र मोदी का पुतला बौना हो गया है| ये दोनों भ्रष्टाचार-विरोध की लहर पर सवार होकर ऊपर उठे थे लेकिन डेढ़ साल बीत रहा है| मोदी देश और विदेश में गुलाटियां मारकर अभी तक कपास ही ओट रहे हैं जबकि अरविंद केजरीवाल ने भारत की राजनीति में अपनी प्रतिष्ठा का नया खंभा गाड़ दिया है| यदि अरविंद और मनीष की जोड़ी इसी तरह काम करती रही तो कोई आश्चर्य नहीं कि भारत के अगले प्रधानमंत्री का नाम अभी से लोगों की जबान पर तैरने लगेगा| यह कदम उठाकर अरविंद ने प्रधानमंत्री के द्वार पर दस्तक दे दी है|

  2. Ram Kiroriwal ‏@RamPD78 15h15 hours ago
    More
    ये प्यार @ArvindKejriwal या @msisodia से नहीं उनकी ईमानदारी और दिल्ली सरकार के जन हितैषी कार्यों की बदौलत मिल रहा है pic.twitter.com/RuYBp2Ggoe

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