EVM में कुछ मशीनों की गड़बड़ी को गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी ने माना, विवाद सामने आने पर खुला भेद

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गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी बी.बी. स्वेन ने पहले दावा किया था कि EVM और VVPAT मशीनों की पर्चियों आपस में मैच है इसमें किसी प्रकार का असंतुलन नहीं है। लेकिन समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक कम से कम चार पोलिंग बूथों पर EVM मशीन VVPAT मशीनों की पर्चियों मैंच नहीं कर रही थी।

EVM

गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी बी.बी. स्वेन ने ने बताया कि इस तरह की गड़बड़ी का मामला वगरा, द्वारका, अंकलेश्वर और भावनगर की ग्रामीण सीटों पर देखने में सामने आया था।

EVM और VVPAT की गड़बड़ी के तालमेल को लेकर देखने में आया था कि इन चार सीटों के प्रत्येक बूथ पर कुछ वोट आपस में मैच नहीं कर रहे थे। कहा गया कि ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि रिटर्निंग ऑफिसर ने वही गलती दोहरा दी होगी लेकिन पहले से ही इसका पता नहीं लगाया जा सका।

इसलिए हमने गिनती के दौरान इन बूथों के ली गई VVPAT स्लिप्स पर ध्यान दिया और इस समस्या का समाधान किया। उन्होंने यह जानकारी देते हुए इस बात को बताया।

न्यूज 18 द्वारा प्रकाशित PTI रिपोर्ट से बी.बी. स्वेन के इस बयान की पृष्टि होती है। जबकि विपक्ष की और इस इस मामले को लगातार उठाया गया। EVM में गड़बड़ी की सम्भावना को लेकर हार्दिक पटेल और संजय निरुपम सहित अन्य नेताओं ने भी सवाल उठाया था, जिसे बी.बी. स्वेन का बयान प्रमाणित करता है।

बी.बी. स्वेन के मुताबिक, चुनाव आयोग ने निर्णय लिया था कि वह उन चुनिन्दा पोलिंग बूथों पर EVM और VVPAT पर पर्चियों के मेल की जांच करेगा जिन पोलिंग बूथों पर BJP के साथ समझौता करने का अरोप लगा रहा है।

यह मुद्दा सोशल मीडिया पर अब फैलता ही जा रहा है और इसने गुजरात के चुनाव परिणामों की प्रामाणिकता पर सवाल खडे़ करना शुरू कर दिया है।

सोमवार को इस बारें में सोशल मीडिया यूजर रवि गौतम ने घोषित परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल पूछने वाले ट्वीट्स की श्रृंखला पोस्ट की।

उन्होंने लिखा, 182 सीटों में से 4 में EVM और VVPAT के बीच तालमेल बेमेल था, तो 2 प्रतिशत सेे अधिक बेमेल 2 प्रतिशत वोट शेयर संदिग्ध है तो यह 6 लाख वोट होते है।

इसके बाद गौतम ने चुनाव आयोग के हवालों का आकंड़ा देते हुए कुछ और ट्वीट किए जो EVM और VVPAT स्लिप्स के बेमल होने के आंकड़ो को प्रमाणित करता था। जबकि सोशल मीडिया पर यह विवाद सामने आने पर कई और लोगों ने EVM में गड़बड़ी के कई और तथ्यों को उजागार किया।

ब्लॉगर जेम्स विल्सन ने लिखा, यदि उपर्युक्त कड़ियाँ सही है, तो हमारे पड़ताल करने वाले विशेषज्ञों और पत्रकारों को सच्चाई को सामने लाना चाहिए, और यह बताना चाहिए कि किस तरह से भारतीय चुनाव आयोग लोगों को सही जानकारी देने में असफल रहा है। जबकि मंगलवार को एक बार फिर से हार्दिक पटेल ने EVM में छेड़छाड़ के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे BJP है।

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