गुजरात विधानसभा चुनाव का ऐलान, 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग, 18 दिसंबर को आएगा रिजल्ट

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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा में देरी को लेकर उठे विवाद के बीच आखिरकार चुनाव आयोग ने बुधवार (25 अक्टूबर) को तारीखों का एलान कर दिया है। राज्य के 182 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने चुनाव के तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग होगी, जबकि हिमाचल प्रदेश के साथ ही 18 दिसंबर को नतीजे आएंगे।साथ ही उन्होंने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में VVPAT का इस्तेमाल होगा। त्योति ने कहा कि गुजरात में अभी से आचार संहिता लागू हो गई है। उन्होंने बताया कि गुजरात में 4 करोड़ 30 लाख वोटर हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि कोई भी उम्मीदवार 28 लाख से ज्यादा खर्च नहीं कर पाएगा। 50 हजार 128 पोलिंग स्टेशनों पर मतदान होगा।

आयोग ने बताया कि चुनाव के दौरान वीडियॉग्रफी भी की जाएगी। साथ ही नामांकन, मतगणना, ईवीएम स्टोरेज, कैंपेन के समय भी वीडियॉग्रफी होगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। आयोग बताया कि उम्मीदवारों को अलग अकाउंट खुलवाना होगा, जिससे वह चुनाव में खर्च कर सकता है।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि कुछ पोलिंग स्टेशन पर वेबकास्टिंग की जाएगी। बॉर्डर चेकपोस्ट्स और कुछ जगहों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि 102 बूथों पर महिला स्टाफ तैनात होगा। टीवी, सिनेमाघर और एफएम पर विज्ञापन पर भी नजर रखी जाएगी।

बता दें कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 23 जनवरी को पूरा हो रहा है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के साथ 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के चुनावों की तारीख घोषित नहीं करने को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना हो रही थी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर पी चिंदबरम तक चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा कर चुके हैं।

विपक्ष की तरफ से आरोप लगाया गया था कि गुजरात चुनावों के कार्यक्रम में देरी करके चुनाव आयोग राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार को आचार संहिता लगने से पहले समय दे रहा है, ताकि लोक-लुभावन योजनाओं की घोषणा कर मतदाताओं को अपने पक्ष में किया जा सके।

हालांकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने गुजरात से पहले हिमाचल प्रदेश के चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि चुनाव की तारीखें घोषित करने से पहले कई कारकों पर विचार किया जाता है। इनमें मौसम, बाढ़ राहत कार्य और पर्व का समय आदि हैं।

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