‘जनता का ध्यान खींचने में असफल रही मोदी सरकार की स्वर्ण योजनाएं’

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सरकार ने सोने की भौतिक मांग को कम करने के लिये इससे जुड़ी कई निवेश योजनायें शुरू की हैं। स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, सावरेन गोल्ड बॉंड योजना और स्वर्ण सिक्का योजना जैसी कई योजनायें शुरू की गई हैं।

आईएफएमआर शोधकर्ता मिशा शर्मा ने कहा कि हमें पता चला है कि लोगों के बीच इन तीन स्वर्ण योजनाओं के बारे में या तो बहुत कम जानकारी है या फिर उनमें कोई जागरकता नहीं है। ये योजनाएं दो साल पहले केंद्र सरकार ने शुरू की हैं। चार जिलों में से केवल पांच लोगों को ही इसके बारे में जानकारी थी।

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  1. शासकीय व व्यावसायिक क्षेत्र में प्रायः अंग्रेजी भाषा के माध्यम से कार्य होने के कारण भारतीय समाज में बहुत कुछ खोया जाता रहा है| अवश्य ही तथाकथित अध्ययन भी अंग्रेजी भाषा में किये जाने पर १००० लोगों में केवल पांच लोगों को ही सरकार की स्वर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी हुई पाई गई होगी| उन पांच लोगों पर अलग से अध्ययन किया जाना चाहिए!

    सच तो यह है कि भारत में औसतन पांच ही लोग अंग्रेजी भाषा के डंडे से हज़ारों लाखों भारतीयों को हांकते दिखाई देते रहे हैं और प्रत्येक सामाजिक वर्ग में अभाव के बीच जीवन का बोझ उठाए उन्हें इसका आभास तक नहीं है|

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