मध्य प्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच राज्यपाल ने 6 मंत्रियों को किया बर्खास्त

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मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ की अनुशंसा पर आज राज्यपाल लालजी टंडन ने प्रदेश के छह मंत्रियों को मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर दिया।

मध्य प्रदेश

राजभवन के एक अधिकारी के अनुसार, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर छह मंत्रियों को हटा दिया है। इन छह मंत्रियों में गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया शामिल हैं।

बता दें कि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योदिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है। इनमें से 19 विधायक बेंगलुरू में हैं, इनमें छह मंत्री भी शामिल हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सभी विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं।

बेंगलुरू गए 19 विधायकों में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चैधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया के अलावा विधायक हरदीप सिंह डंग, जसपाल सिंह जज्जी, राजवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया, मुन्ना लाल गोयल, रघुराज सिंह कंसाना, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, गिरराज दंडौतिया, रक्षा संतराम सिरौनिया, रणवीर जाटव, जसवंत जाटव शामिल हैं। इसके बाद एंदल सिंह कंसाना, मनोज चौधरी व बिसाहू लाल सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया था।

गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद ज्योदिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के एक दिन बाद बुधवार (11 मार्च) को दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने से कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। भाजपा जॉइन करने के कुछ घंटे के भीतर ही ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को राज्यसभा का टिकट भी मिल गया।

बता दें कि, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सिंधिया खेमे के 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया जिससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देते हुए कहा था कि वह कांग्रेस में रहते हुए अपने राज्य और देश की सेवा नहीं कर पा रहे हैं और अब उनके लिए आगे बढ़ने का मौका है।

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