गोरखपुर कांड का एक साल: RTI जवाब ने की डॉ. कफील खान के दावों की पुष्टि, योगी सरकार ने ऑक्सीजन की कमी को किया स्वीकार

0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में पिछले साल कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यु मामले में आरोपी डॉक्टर कफील खान के उन दावों की सूचना का अधिकार (आरटीआई) से मिले एक जवाब ने पुष्टि कर दी है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने की वजह से मासूम बच्चों की मौत हुई।

(AFP)

बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्‍सीजन कांड की आज यानी 11 अगस्त को पहली बरसी है।  बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल 11 अगस्‍त की रात ऑक्सीजन की कमी की वजह से 33 मासूमों ने दम तोड़ दिया था। बाद में एक हफ्ते के भीतर बच्चों की मौत की संख्या बढ़कर 60 से अधिक हो गई, जिनमें ज्यादातर शिशुओं की मौत हो गई थी। हालांकि योगी सरकार ने इससे इनकार कर दिया था कि ऑक्सीजन की कमी मौतों का कारण बनी थी।

हालांकि इस घटना के एक साल पूरा होने के बाद आखिरकार आरटीआई के एक जवाब में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वीकार किया है कि बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी और 11 अगस्त, 2017 को डॉक्टर कफील खान ने छह ऑक्सीजन सिलेंडरों का प्रबंधन किया था। आरटीआई से मिला जवाब कफील खान के दावों की पुष्टि करता हुआ दिखाई दे रहा है। बता दें कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस हुआ था।

नेशनल हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एक आरटीआई के जवाब में सरकार ने यह स्वीकार किया है कि जिस दिन यह घटना घटी उस दिन अस्पताल में ऑक्सीजन की बेहद कमी थी। जिसके बाद 11 अगस्त, 2017 को दो अनधिकृत व्यक्तियों से ऑक्सीजन सिलेंडरों मंगाया गया था।

संजय शर्मा द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने स्वीकार किया है कि 11 अगस्त 2017 को जब यह घटना घटी तो उस दिन अस्पताल के पूर्व नोडल अधिकारी डॉ कफिल खान द्वारा 4 और गोरखपुर में स्थित आनंदलोक नर्सिंग होम से 6 ऑक्सीजन सिलेंडरों का प्रबंधन करवाया गया था।

Nationalheraldindia.com

बता दें कि डॉ. कफील खान शुरू से ही यह दावा करते आ रहे हैं कि 11 अगस्त की रात को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी थी और उन्होंने स्वयं सिलेंडरों को लाया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को कभी भी स्वीकार नहीं किया था। बाद में डॉ. कफील खान, बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल और सात अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। डॉ. कफील को इस साल 25 अप्रैल को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी।

‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

बच्चों की मौत मामले में हीरो से विलेन बनने के सवाल पर डॉक्टर कफील खान ने हाल ही में ‘जनता का रिपोर्टर’ से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने आप को बचाने के लिए किसी न किसी को ‘बलि का बकरा’ बनाना था, क्योंकि खुद उन्हें और हेल्थ मीनिस्टर को लेटर गया था। राजा को बचाने के लिए प्यादे को अपनी जान देनी होती है। तो किसी को तो बकरा बनाना था। जिस प्रकार से मीडिया ने दो दिन हमें फरिश्ता और भगवान का इमेज बना दिया, वह शायद उन्हें अच्छी नहीं लगी। इस वजह से उन्होंने पूरे मुद्दे को डायवर्ड कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि नहीं तो उस वक्त मीडिया और जनता पूछ रही थी कि हेल्थ मीनिस्टर क्या कर रहे हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में कैसे जवाबदेह नहीं है? तो अपने आप को बचाने के लिए किसी ना किसी को मारना था। और बाद में बच्चों की मौत का मामला दबाकर डॉ कफील के इर्द गिर्द की खबरें चलने लगी। कितने बच्चे मरे और उनका क्या हुआ सब लोगों ने बोलना छोड़ दिया और सबका ध्यान भटका दिया गया।

Pizza Hut

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here