जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम का ऑडियो वायरल, कहा- ‘अच्छे दिन आएंगे’, जल्द आ रहा हूं बाहर

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जोधपुर जेल में उम्रकैद काट रहे स्वयंभू बाबा आसाराम की कथित ऑडियो क्लिप शनिवार (28 अप्रैल) को ऑनलाइन वायरल हो गई। इसमें वह फोन पर ठहाके लगाते हुए कह रहा है कि जेल में वह थोड़े समय रहेगा और ‘अच्छे दिन आएंगे’। आसाराम फोन पर एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि जेल में वह थोड़े समय रहेगा और ‘अच्छे दिन आएंगे।’

(Reuters Photo/File)

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक जोधपुर केंद्रीय कारागार के डीआईजी विक्रम सिंह के अनुसार, आसाराम की शुक्रवार को टेलिफोन पर बातचीत के दौरान 15 मिनट की यह ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड की गई होगी। इससे दो दिन पहले जोधपुर की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने का दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेल अधिकारियों की अनुमति से फोन किया गया था।

सिंह ने कहा, ‘कैदियों को एक महीने में 80 मिनट के लिए उनके द्वारा दिए गए दो नंबरों पर फोन करने की अनुमति दी जाती है। उसने शुक्रवार को शाम साढे़ छह बजे साबरमती आश्रम के एक ‘साधक’ से बात की। हो सकता है कि तब यह बातचीत रिकॉर्ड की गई हो और वायरल हो गई हो।’ टेलिफोन पर यह बातचीत उपदेश जैसी लग रही है। इस एकतरफा बातचीत में आसाराम अपने समर्थकों का शांति बनाए रखने और फैसले के लिए जोधपुर ना आने के लिए आभार जता रहा है।

वह ऑडियो क्लिप में कथित रूप से कह रहा है, ‘हमें कानून एवं व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। मैंने भी यही किया।’ उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम को बदनाम करने का अभियन चला रखा है और वे इस पर कब्जा करना चाहते हैं।

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Posted by जनता का रिपोर्टर on Thursday, April 26, 2018

उसने कहा, ‘ऐसे उकसाने वाली बातों या आश्रम के लेटर हेड पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है उससे बहक ना जाए।’ सह आरोपी शिल्पी और शरत का जिक्र करते हुए आसाराम ने कहा कि वह जेल से सबसे पहले उनकी रिहाई का बंदोबस्त करेगा क्योंकि यह ‘माता-पिता का कर्तव्य है कि वे पहले अपने बच्चों के बारे में सोचें।’

शिल्पी और शरत को विशेष अदालत से 20 साल जेल की सजा मिली है। आसाराम ने कहा, ‘अगर शिल्पी और शरत की रिहाई के लिए और वकीलों की जरूरत पड़ी तो वो भी किया जाएगा। इसके बाद बापू जेल से बाहर आएगा।’ उसने कहा , ‘अगर निचली अदालत में कोई गलती हुई है तो उसे सुधारने के लिए ऊपरी अदालतें हैं।’

आसाराम ने कहा, ‘सच छिपता नहीं है और झूठ के पैर नहीं होते। जो भी आरोप हैं वे फालतू हैं।’ बातचीत के अंत में वह शरत से बात करने के लिए कहता है तो बोलता है कि जेल में चिंता की कोई बात नहीं है।

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