खाड़ी के देशों में सामान की तरह बेची जा रही महिलाएं, आंध्रप्रदेश के मंत्री ने लगाए आरोप

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आंध्रप्रदेश के अप्रवासी भारतीयों से जुड़े मामलों के कल्याण मंत्री, पी. रघुनाथ रेड्डी ने आरोप लगाए है कि खाड़ी के देशों में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों की महिलाएं फुटकर दुकान के समान की तरह बेची जा रहीं है। रेड्डी के मुताबिक ये महिलाएं सऊदी अरब में चार लाख रुपये ( $6000) और बहरीन, यूएई व कुवैत में एक लाख रुपये ($1,500) से लेकर दो लाख रुपये ($30000) तक में बेची जा रही है। हाल ही में खाड़ी देशों से लगभग 25 कैदी महिलाओं ने राज्य सरकार से मदद की मांग की है।

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मंत्री ने कहा कि घरेलू काम करने वाली आंध्र प्रदेश की महिलाएं खाड़ी देशो की जेलों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। इन महिलाओं ने या तो अपने बदमिजाज मालिक की ज्यादती से तंग आकर या फिर इनके वीजा की अवधि समाप्त होने पर वापस आने की कोशिश की थी। मंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में पहल कर इन महिलाओं की मदद की गुहार भी लगाई है।

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एनडीटीवी इंडिया के मुताबिक आंध्रप्रदेश के मंत्री पी. रघुनाथ रेड्डी ने इस संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर इन महिलाओं को वापस लाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। पत्र में उन्होंने कहा, ‘ऐसी महिलाओं को जरूरी वीजा कागजात देकर और मुफ्त यात्रा की सुविधा देते हुए जल्द से जल्द घर वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। खाड़ी देशों में भारतीय दूतावासों को इस मामले में दखल देकर खाने, कपड़े और रहने के लिए जरूरी मदद करने संबंधी निर्देश दिए जाने चाहिए।’

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गौरतलब है कि भारतीय आंकड़ों के मुताबिक बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, यूएई और ओमान में लगभग 60 लाख भारतीय प्रवासी रह रहे हैं। रेड्डी ने अपने पत्र में लिखा, ‘इनमें वे औरतें भी शामिल हैं जिन्होंने भर्ती एजेंटों के भरोसे भारत से तीन गुना ज्यादा तनख्वाह वाली नौकरी की खातिर अपने गांव छोड़ दिया है।

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