VIDEO: असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में मंच से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने वाली युवती भेजी गई जेल

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संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में बेंगलुरू में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में एक महिला ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस कार्यक्रम में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद थे। हालांकि, ओवैसी ने महिला के इस कृत्य की निन्दा करते हुए कहा कि ‘हम भारत के लिए हैं।’ ‘संविधान बचाओ’ बैनर के तहत आयोजित कार्यक्रम के आयोजकों ने ओवैसी के मंच पर पहुंचने के बाद अमूल्या नाम की इस महिला को भीड़ को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया।

असदुद्दीन ओवैसी

महिला ने वहां उपस्थित लोगों से अपने साथ ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ का नारा लगाने को कहा। इस पर ओवैसी उससे माइक छीनने के लिए बढ़े और अन्य लोग भी महिला को हटाने की कोशिश करने लगे। लेकिन महिला अड़ी रही और बार-बार दोहराते हुए ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ कहा। बाद में, पुलिस आगे बढ़ी और महिला को मंच से हटा दिया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारी लड़की को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। प्रदर्शनकारी लड़की की पहचान अमूल्य के रूप में हुई है। लड़की के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (देशद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

वहीं, ओवैसी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह महिला से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘न तो मेरा और न ही मेरी पार्टी का इस महिला से कोई संबंध है। आयोजकों को उसे यहां नहीं बुलाना चाहिए था। यदि मुझे यह पता होता तो मैं यहां नहीं आता। हम भारत के लिए हैं और हम किसी भी तरह दुश्मन देश का समर्थन नहीं करते। हमारा पूरा आंदोलन भारत को बचाने के लिए है।’

वहीं, जद(एस) के पार्षद इमरान पाशा ने दावा किया कि महिला को कार्यक्रम में खलल डालने के लिए प्रतिद्वंद्वी समूह ने भेजा था। उन्होंने कहा कि महिला वक्ताओं की सूची में शामिल नहीं थी और पुलिस को मामले की जांच गंभीरता से करनी चाहिए।

ओवैसी की मौजूदगी में उनके मंच से पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी से भाजपा को सीएए-विरोधी रैलियों को ही कठघरे में खड़ा करने का मौका मिल गया। भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष ने वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा कि अब समय आ गया है यह कहने का कि बहुत हो चुका। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सीएए-विरोधी प्रदर्शन कहे जाने वाले इस पागलपन को देखिए…एक लेफ्ट ऐक्टिविस्ट बेंगलुरु में पाकिस्तान जिंदाबाद चिल्ला रही है…फ्रिंज तत्वों ने पूरे प्रदर्शनों को अपने कब्जे में ले लिया है। अब यह कहने का समय आ चुका है कि बहुत हो चुका।’

वहीं, कर्नाटक भाजपा के ऑफिशल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘ऐंटी-सीएए ऐक्टिविस्ट अमूल्या लेवोना ने बेंगलुरु में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। सच्चाई यही है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन पाकिस्तान और कांग्रेस के नेतृत्व में देशविरोधी ताकतों का जॉइंट वेंचर है। जो लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं उन्हें हमेशा के लिए पाकिस्तान चले जाना चाहिए।’

बता दें कि, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस और AIMIM समेत अन्य राजनीतिक दल इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। सीएए का विरोध करने वालों का कहना है कि यह कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करता है। हालांकि, मोदी सरकार साफ कह चुकी है कि यह कानून किसी की नागरिकता नहीं छीनता है और ना ही इस कानून को वापस लिया जाएंगा। बता दें कि, यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, जैन, पारसी, ईसाई और बौद्ध धर्म के समुदाय के लोगों को नागरिकता देने के लिए लाया गया है।

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