पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर भड़का बॉलीवुड और राजनीतिक गलियारा, वायरल हुआ गौरी का आखिरी ट्वीट

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गौरी लंकेश

सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की मंगलवार(5 सितंबर) को बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई।  पुलिस उपायुक्त एमएन अनुचेत ने कहा कि जांच अभी चल रही है और अभी किसी संगठन का नाम लेना जल्दबाजी होगी। इस हत्या के बाद फिल्म जगत और राजनीतिक गलियारों में गुस्सा भड़क पड़ा। सभी बड़े नामों ने इस हत्या की भत्र्सना की और कड़े शब्दों में कई ट्वीट कर अपने गुस्से का इजहार किया।

गौरी लंकेश

राइटर जावेद अख्तर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि दाभोलकर, पनसरे, कलबुर्गी और गौरी लंकेश. अगर एक ही तरह के लोगों की हत्या हो रही है तो उनके हत्यारे कौन हैं।

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दुख जताया। सिद्धारमैया ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने इस संबंध में DGP से बात की है। सिद्धारमैया ने घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी गौरी लंकेश की हत्या पर शोक व्यक्त करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उनकी हत्या की खबर स्तब्ध कर देने वाली है।

इस जघन्य हत्याकांड पर राहुल गांधी ने मार्मिक ट्वीट करते हुए कहा कि सच्चाई कभी भी चुप नहीं होगी गौरी लंकेश हमारे दिलों में रहेगी। मेरी संवेदना और उनके परिवार के साथ है और अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिए।

डायरेक्टर शिरिश कुंदर ने कहा कि बौद्धिक होना गाली जैसा हो गया है।

गौरी लंकेश, वैचारिक मतभेदों को लेकर वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं। वह कन्नड़ भाषा में एक साप्ताहिक पत्रिका निकालती थीं और उन्हें निर्भीक और बेबाक पत्रकार माना जाता था। वह कर्नाटक की सिविल सोसायटी की चर्चित चेहरा थीं।

प्रोडूसर अतुल कासबेकर ने लिखा कि गौरी लंकेश के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने और सजा देने की बात कही है।

गौरी लंकेश वामपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या व्यवस्था विरोधी पत्रकारिता के चलते गौरी लंकेश की हत्या हुई?

अनुभव सिन्हा ने कहा कि इस मामले में सही फैसले का इंतजार।

गौरी लंकेश हत्या से कुछ घंटे पहले तक ट्विटर पर एक्टिव थीं। उनका आखिरी ट्वीट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस के मुताबिक, तीन संदिग्ध गौरी के घर में घुसे और उन पर नजदीक से गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह सांध्य मैगजीन लंकेश पत्रिके की संपादक थीं। गौरी मशहूर कवि और पत्रकार पी लंकेश की बेटी थीं। गौरी ने सांप्रदायिक हिंसा को लेकर तमाम कट्टरपंथी संगठनों को निशाने पर रखा था। गौरतलब है कि धारवाड़ में कन्नड़ लेखक एमएम कलबुर्गी को गोली मार दी गई थी।

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