राजस्थान: चाचा के घर जा रही 9वीं कक्षा की छात्रा से गैंगरेप, ब्लैकमेल के लिए वीडियो बनाया

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कोरोना लॉकडाउन के बीच राजस्थान के टोंक के सिमर में एक गैंगरेप की घटना के बाद राज्य में एक और नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया है। अलवर के तीन युवकों ने एक नाबालिग का सामूहिक बलात्कार किया और उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया। इतना गी नहीं इस घटना की शिकायत करने पर उसे धमकी भी दी।

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कक्षा 9 की इस छात्रा के रिश्तेदारों ने कहा कि पुलिस को इस मामले में शिकायत दर्ज करने में दो दिन लग गए। लड़की के पिता ने कहा कि अधिकारियों ने पुष्टि की कि 10 मई को भिवाड़ी में इस अपराध की सूचना दी गई थी, लेकिन 13 मई को पुलिस ने शिकायत दर्ज की। अपनी शिकायत में, पिता ने कहा कि उसकी बेटी 10 मई को दोपहर के वक्त अपने चाचा के घर गई थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी, तो वे चिंतित हो गए और उसकी खोज शुरू कर दी। इस बीच, उनके पास फोन आया कि उनकी बेटी को एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया है और वे उसे घर वापस ले जाएं।

घर लौटने के बाद, लड़की ने अपने दर्दनाक अनुभव का खुलासा किया और कहा कि जब वह अपने चाचा के यहां जा रही थी, तो एक आश्रय गृह में तीन युवकों ने उसे रोका, उसे पीटा और एक सुनसान कमरे में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और इसका वीडियो भी बनाया। जब उसने विरोध किया और उनकी शिकायत करने की बात कही तो उन्होंने उसके सिर को दीवार से टकरा दिया जिसके बाद वह बेहोश हो गई। होश में आने के बाद उसने खुद को एक निजी क्लिनिक में पाया।

उधर, डीएसपी महिला सेल, भिवाड़ी, प्रेम बहादुर ने कहा कि तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना की निंदा की है। राजे ने ट्वीट किया, “टोंक के बाद, अलवर में एक नाबालिग के बलात्कार से राज्य सरकार द्वारा राज्य में महिला सुरक्षा से संबंधित नकली दावों का पता चलता है।” उन्होंने कहा कि, “राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था से पता चलता है कि पुलिस और प्रशासन ने यहां अपनी पकड़ खो दी है।”

बता दें कि, कुछ दिनों पहले टोंक में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप किया गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 12 मई को राज्य सरकार को नोटिस भेजा था। पीड़िता की उम्र के बारे में गलत जानकारी देने और उसके चरित्र पर टिप्पणी करने को लेकर एक डॉक्टर सहित कई अधिकारियों की भूमिका को लेकर अभी जांच चल रही है। स्थानीय विधायक कन्हैया लाल चौधरी और सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने सारा समाज के साथ धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। बाद में पुलिस ने उसकी बहन की मौजूदगी में उसके बयान लिए।

टोंक पीड़िता को न्याय नहीं मिलने पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने भारी विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “अगर पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो गुर्जर समाज सड़कों पर उतर आएगा। हम आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा चाहते हैं। सरकार बताए कि आखिर एक दिन बाद मामला दर्ज क्यों किया गया?” ((इंपुट: आईएएनएस के साथ)

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