GST का फुल फॉर्म तक नहीं बता पाए योगी सरकार के मंत्री, देखें वीडियो

0

देश के सबसे बड़े टैक्स सुधार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की लॉन्चिंग में अब कुछ घंटों का ही वक्त बचा है और तैयारियां जोरों पर हैं। आज (30 जून) आधी रात को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में जीएसटी को मंजूरी दी जाएगी। 1997 में आजादी की गोल्डन जुबली के मौके पर इसी तरह आधी रात को आयोजन हुआ था। इसके बाद यह पहला मौका होगा, जब रात्रि में संसद का स्पेशल सेशन बुलाया जा रहा है।संसद के सेंट्रल हॉल में खास तैयारी की जा रही है। इस खास मौके पर फिल्म से लेकर उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होने वाली हैं। इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे।

GST का फुल फॉर्म नहीं बता पाए योगी सरकार के मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और बीजेपी सांसदों और विधायकों को जनता के बीच जाकर जीएसटी के फायदों को प्रचारित करने का आदेश दिया है। इसी सिलसिले में जीएसटी के बारे जनता को बताने के लिए उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री महाराजगंज गए थे। लेकिन योगी सरकार के मंत्री रमापति शास्त्री जीएसटी का फुल फॉर्म तक नहीं बता पाए।

वैसे तो मंत्री जी यूपी सरकार के 100 दिन के कामों का बखान करने महराजगंज गए थे। ऐसे में जीएसटी के फायदे भी गिनाने लगे। जिले के दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। जिसके बाद रमापति पत्रकारों से बात करने लगे, इसी दौरान किसी पत्रकारों ने बातों-बातों में रमापति शास्त्री से जीएसटी की फुल फॉर्म के बारे में सवाल कर लिया।

इस पर मंत्री जी अटक गए। काफी कोशिश करने के बाद भी जीएसटी के क्या मायने होते हैं वो नहीं बता पाए। मंत्री जी यही कहते रहे कि नहीं, नहीं पता है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि जब सरकार के मंत्री खुद इसके बारे में नहीं जानते तो जनता की भ्रांतियां कैसे दूर करेंगे। बता दें कि जीएसटी की फुल फॉर्म गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) है।

कांग्रेस नहीं होगी शामिल

हालांकि, कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों की अनुपस्थिति की वजह से होने वाला जश्न कुछ फीका रह सकता है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक सहित विपक्ष के कुछ दलों ने 30 जून की मध्यरात्रि में होने वाले कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस जश्न में मौजूद नहीं रहेंगे। हालांकि, जनता दल (युनाइटेड) के सांसद इस जश्न में मौजूद रहने के बारे में निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। जद (यू) के प्रवक्ता के.सी. त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार जीएसटी के शुभारंभ पर होने वाले मध्यरात्रि के संसद सत्र में भाग नहीं लेंगे।

कौन-कौन करेगा शिरकत?

इस खास प्रोग्राम में महानायक बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर, टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा समेत कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होने वाली हैं। इनके अलावा इस कार्यक्रम में करीब 1500 लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है। रात 11.30 बजे से 12.5 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान दो शार्ट फिल्में भी दिखाई जाएगीं। इसके लिए केंद्रीय कक्ष में दो बड़ी-बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।

ये दिग्गज भी रहेंगी मौजूद

सीएजी शशि कांत शर्मा, विनोद राय, टीएन चतुर्वेदी, सीवीसी केवी चौधरी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया, मेट्रो मैन ई. श्रीधरन, एस. गुरुमूर्ति, एम. एस. स्वामीनाथन, यूपीएससी के चेयरमैन आर. सेमलिह और सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here