आरोग्य सेतु एप को लेकर फ्रांसीसी हैकर ने किया चौंकाने वाला दावा, कहा- ’90 मिलियन भारतीयों की गोपनीयता दांव पर है’

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एक गुमनाम फ्रांसीसी हैकर ने आरोग्य सेतु ऐप में ‘गंभीर सुरक्षा चिंताओं’ को चिह्नित किया है, जिसे भारत सरकार ने उपन्यास कोरोना वायरस ट्रैकिंग मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में पेश किया है। ट्विटर नाम इलियट एल्डरसन ने ट्वीट कर एक आश्चर्यजनक दावा किया कि आयोग्य सेतु ऐप में खामी पाई गई है, इसमें सुरक्षा की समस्या है। एल्डरसन ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि 90 मिलियन भारतीयों की गोपनीयता दांव पर है।

आरोग्य सेतु ऐप

फ्रांसीसी सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट एल्डरसन ने आयोग्य सेतु ऐप के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @SetuAarogya को मेंशन करते हुए कहा कि, आयोग्य सेतु ऐप में खामी पाई गई है, इसमें सुरक्षा की समस्या है। 90 मिलियन भारतीयों की गोपनीयता दांव पर है। क्या आप मुझसे निजी संपर्क कर सकते हैं? साथ ही उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी सही थे, यानी कि राहुल गांधी का आरोग्य सेतु को लेकर जताया गया शक सही था।

इसके बाद इलियट एल्डरसन ने इसी ट्वीट में रिप्लाई कर के जानकारी साझा की, कि सरकार की ओर से उनको संपर्क किया गया है और उन्होंने तकनीकी जानकारियां सरकार से साझा कर दी हैं। एल्डरसन ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “सुपर स्पष्ट होने के लिए: मैं सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे का खुलासा करने से पहले उनकी तरफ से एक प्रतीक्षा की प्रतीक्षा कर रहा हूं। 90 मिलियन भारतीयों का मेडिकल डेटा डालना कोई विकल्प नहीं है। मेरे पास बहुत सीमित धैर्य है, इसलिए एक उचित समय सीमा के बाद, मैं इसका खुलासा करूंगा, तय किया जाएगा या नहीं।”

लेकिन उसके थोड़ी ही देर में सरकार की ओर से आरोग्य सेतु ऐप के आधिकारिक हैंडल पर ट्वीट कर के सरकारी पक्ष रख दिया गया। सरकार ने कहा कि उनकी एक एथिकल हैकर से बात हुई, उन्होंने सारे तकनीकी पक्ष सुन लिए हैं और वो उस हैकर के प्रति आभार प्रकट करते हैं। लेकिन ऐप बिल्कुल सुरक्षित है और किसी को चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। आरोग्य सेतु के ट्विटर हैंडल से जारी बयान में कहा गया, ‘हमें ऐप में संभावित सुरक्षा के मुद्दे पर हैकर द्वारा सतर्क किया गया था, जिसके बारे में हमने हैकर के साथ चर्चा की। लेकिन हैकर के द्वारा किसी भी यूजर की कोई भी व्यक्तिगत जानकारी खत्म में नहीं पाई गई है।’

इस ट्वीट को इलियट ने रीट्वीट किया और लिखा, ‘दरअसल आप ये कहना चाहते हैं कि आपके जांचने लायक कुछ नहीं है.. हम देखेंगे.. मैं कल आपको फिर संपर्क करूंगा…’

बता दें कि, इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि ‘आरोग्य सेतु’ एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिससे निजता एवं डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही हैं। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है तथा इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है। इससे डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।’’ गांधी ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी हमें सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है, लेकिन नागरिकों की सहमति के बिना उन पर नजर रखने का डर नहीं होना चाहिए।’’

राहुल गांधी के ट्वीट के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोग्य सेतु ऐप को निजी आपरेटर को आउटसोर्स किए जाने को खारिज करते हुए कहा कि इसमें डाटा सुरक्षा की ठोस व्यवस्था है। केंद्रीय मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘श्रीमान गांधी, वक्त आ गया है कि आप अपना ट्वीट ऐसे लोगों को आउटसोर्स करना बंद कर दें, जिनको भारत की समझ ही नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि इस एप की दुनिया भी में सराहना की जा रही है जिसे सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ाई में एक महत्वपूर्ण हथियार बताया है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हर दिन एक नया झूठ। आरोग्य सेतु एप शक्तिशाली सहयोगी है जो लोगों की सुरक्षा करता है। इसमें डाटा सुरक्षा की ठोस व्यवस्था है। जो लोग जीवन भर निगरानी करने में जुटे रहे, वे नहीं समझ सकते कि प्रौद्योगिकी का अच्छे कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।’’

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