पुणे: सेना के चार जवानों पर मूक बधिर महिला से 4 साल तक रेप का आरोप, पीड़िता ने इशारों में बताई बलात्कार की पीड़ा, केस दर्ज

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पुणे में सेना के एक अस्पताल में काम करने वाली 34 वर्षीय मूक-बधिर महिला के साथ रेप और यौन उत्पीड़न के आरोपों में मंगलवार रात चार फौजियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने इशारों में अपने साथ हुए हादसे की जानकारी वीडियो काल के जरिए दी थी। पीड़‍िता खडकी के सेना अस्‍पताल में काम करती है। आरोपी वहीं पर पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाते थे। इस संबंध में मामला पुणे के खड़की पुलिस थाने में सेना के चार कर्मचारियों पर दर्ज हुआ है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जवानों द्वारा मूक-बधिर महिला का लगातार चार सालों तक रेप किया गया। सबसे पहले 2014 में नाइट शिफ्ट के दौरान एक जवान ने फैमिली वार्ड में महिला उसका रेप किया। चारों जवानों पर आरोप है कि वे 4 साल तक लगातार एक गूंगी-बहरी महिला के साथ रेप करते रहे। पीड़‍िता खडकी के सेना अस्‍पताल में ही चौथी श्रेणी की कर्मचारी है। आरोपी वहीं पर महिला को अपनी हवस का शिकार बनाते थे।

इंदौर के तुकोगंज थाने में मूक-बधिर व्यक्तियों की मदद के लिए चलाए जा रहे पुलिस सहायता केंद्र के मुख्य समन्वयक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बुधवार को बताया कि पीड़ित महिला ने वीडियो कॉल के जरिए जून में उनसे सम्पर्क कर इशारों से अपने कथित यौन शोषण के बारे में बताया था। पुरोहित ने महिला के हवाले से बताया कि पुणे के खड़की स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल के चार फौजी सहकर्मियों ने वहां भिन्न-भिन्न मौकों पर डरा-धमकाकर उसका यौन शोषण किया।

महिला ने अस्पताल में काम करने वाले कुछ लोगों को इशारों में आपबीती बताने की कोशिश भी की। लेकिन वे उसकी बात समझ नहीं सके। सांकेतिक भाषा के जानकार ने बताया कि उन्होंने पांच जुलाई को पुणे के इस मिलिट्री हॉस्पिटल जाकर अस्पताल प्रशासन को महिला की शिकायत के बारे में बताया। इसके साथ ही, मिलिट्री हॉस्पिटल के कमांडेंट को औपचारिक पत्र सौंपकर उनसे अनुरोध किया था कि मामले में उचित कदम उठाए जाएं।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीड़ित महिला की उम्र 30 साल है और उनका 12 साल का एक बेटा है। महिला साल 2014 से आर्मी अस्पताल में काम कर रही थी। महिला का आरोप है कि एक जवान ने चार साल पहले उस महिला का बलात्कार किया जब वो नाइट शिफ्ट पर काम कर रही थी। जब उसने शिकायत करने की कोशिश की तो सुपरवाइजर ने भी आरोपी के साथ मिलकर बलात्कार किया। बाद में दो अन्य जवानों ने महिला का यौन उत्पीड़न कर उनका वीडियो बनाया और ब्लैकमेल किया।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, पुरोहित की पत्नी मोनिका भी मूक-बधिर समुदाय के हितों के लिए काम करती हैं और सांकेतिक भाषा की जानकार हैं। उन्होंने बताया कि मोनिका ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और फौज के आला अधिकारियों को छह अगस्त को ई-मेल भेजकर इस घटना की जानकारी दी थी। इस ई-मेल के जरिए उस वीडियो का लिंक भी भेजा गया था जिसमें पीड़ित महिला अपने यौन शोषण की कथित दास्तां इशारों की जुबान में बयां करती दिखाई दे रही है।

पुरोहित ने कहा, “पीड़ित महिला अपने जन्म से ही बोल और सुन नहीं सकती। उसके पति का पिछले साल निधन हो चुका है। उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हमें लग रहा है कि उसकी सहायता के लिए हमारे प्रयास सफल हो गए। हम चाहते हैं कि उसे आगे भी इंसाफ मिले।”

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