भय्यूजी महाराज को मौत के घाट उतारने के आरोप में पूर्व महिला सचिव गिरफ्तार, दोनों के बीच सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक चैट पुलिस के पास मौजूद

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मध्य प्रदेश के इंदौर के आध्यात्मिक गुरु और प्रसिद्ध गृहस्थ संत रहे उदय राव देशमुख (भय्यूजी महाराज) की आत्महत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुलिस गिरफ्त में आए उनके दो सेवादार विनायक दूधाड़े (42) निवासी अहमदनगर महाराष्ट्र, शरदराव (34) निवासी अकोला महाराष्ट्र और उनकी मुंहबोली बेटी व उनकी निजी सचिव के रूप में काम कर चुकी पलक पुराणिक (25) निवासी सुदामा नगर इंदौर ने भय्यू महाराज को षड्यंत्र पूर्वक प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए विवश किया था।

इंदौर शहर पुलिस उपमहानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान दावा किया कि तीनों आरोपियों द्वारा किए गए षड्यंत्र से दुष्प्रेरित होकर भय्यूजी महाराज ने पिछले साल 12 जून को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने मृतक भय्यूजी महाराज की चल-अचल संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा था।

पुलिस ने लगभग 7 माह की जांच में भय्यू महाराज से जुड़े सौ से अधिक लोगों से पूछताछ कर सबूत जुटाए हैं। भय्यूजी महाराज ने 12 जून 2018 को अपने निवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बीते तीन माह से महाराज के समर्थक पुलिस से मामले को संदेहास्पद बताकर पुन: जांच किए जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने इसके पहले प्रेस वार्ता कर भय्यूजी महाराज की मौत को अवसाद में आकर आत्महत्या करार दिया था।

दिया गया दवाओं का ओवरडोज

पुलिस ने बताया है कि आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज को 25 वर्षीय युवती से कथित संबंधों के आधार पर ब्लैकमेल किए जाने के साथ ही उन्हें नशीली दवाओं का ओवरडोज भी दिया जा रहा था। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणाचारी मिश्रा ने मीडिया को बताया कि भय्यू महाराज की निजी सचिव के रूप में काम कर चुकी पलक पुराणिक (25) और आध्यात्मिक गुरु के दो सहयोगियों-विनायक दुधाड़े (42) और शरद देशमुख (34) को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

मिश्रा ने बताया कि हमारे पास भय्यू महाराज और युवती के बीच सोशल मीडिया पर की गई बेहद आपत्तिजनक चैट की कॉपी और अन्य डिजिटल सबूत हैं। इन्हीं सबूतों के आधार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। पुलिस के मुताबिक, भय्यू महाराज के नजदीक रही युवती आपत्तिजनक चैट और अन्य निजी वस्तुओं के आधार पर उन पर शादी के लिए कथित रूप से दबाव बना रही थी जबकि अधेड़ उम्र के आध्यात्मिक गुरु पहले से शादीशुदा थे। डीआईजी के मुताबिक, आध्यात्मिक गुरु के दो विश्वस्त सहयोगियों-दुधाड़े और देशमुख पर आरोप है कि वे भय्यू महाराज को ब्लैकमेल करने की साजिश में शुरूआत से शामिल थे और इस काम में युवती की लगातार मदद कर रहे थे।

भय्यूजी पर शादी का दबाव बना रही थी महिला

डीआईजी ने बताया कि युवती भय्यू महाराज को लम्बे समय से धमका रही थी कि अगर उन्होंने 16 जून 2018 तक उसके साथ सात फेरे नहीं लिए तो वह उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत कर उनकी छवि खराब कर देगी। इस धमकी के कारण भय्यूजी महाराज मानसिक तनाव और दबाव महसूस कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमें ऐसे सुराग भी मिले हैं कि युवती के जरिये भय्यूजी महाराज से कुछ रकम भी ऐंठी गई थी।

बता दें कि भय्यू महाराज (50) ने इंदौर अपने बाइपास रोड स्थित बंगले में 12 जून 2018 को अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनका वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख था। वह मध्यप्रदेश के शुजालपुर कस्बे के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी पहली पत्नी माधवी की नवंबर 2015 में दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2017 में 49 साल की उम्र में मध्यप्रदेश के शिवपुरी की आयुषी शर्मा के साथ दूसरी शादी की थी।

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