सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने आरोग्य सेतु एप के उपयोग पर उठाया सवाल

0

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी एन श्रीकृष्ण ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के मरीजों का पता लगाने में मदद के लिए लाए गए मोबाइल एप ‘आरोग्य सेतु’ के संबंध में डाटा के संभावित उल्लंघन को लेकर सवाल खड़ा किया है।

आरोग्य सेतु

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि यह (एप) इस प्रकार का पैबंदकारी है जो नागरिकों को फायदा पहुंचाने के बजाय उनकी चिंता बढ़ाएगी। न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा ने कहा कि यह बिल्कुल आपत्तिजनक है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये लोगों का पता लगाने वाले इस एप पर ऐसा आदेश कार्यकारी स्तर पर जारी किया गया।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व न्यायाधशीश ने सोमवार (11 मई) को दक्ष द्वारा ‘डाटा शासन एवं लोकतांत्रिक मूल्य’ पर आयोजित वेबीनार में कहा, ‘‘ऐसे आदेश को संसदीय कानून से समर्थन प्राप्त होना चाहिए जो सरकार को ऐसा आदेश जारी करने के लिए अधिकृत करेगा।’’ उन्होंने कहा कि उपयुक्त कानून के अभाव में डाटा उल्लंघन की स्थिति में व्यवस्था में कोई जवाबदेही नहीं है।

उन्होंने कहा कि, “यदि यहां डेटा का उल्लंघन होता है, तो कौन जवाबदेह है? क्या कार्रवाई की जानी चाहिए? डेटा उल्लंघन के लिए कौन जिम्मेदार होगा?” बता दें कि, न्यायमूर्ति श्रीकृष्णा उस विशेषज्ञ समिति के अगुवा थे जिसने निजी डाटा सुरक्षा विधेयक का प्रारूप तैयार किया था।

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने 2 अप्रैल को मोबाइल ऐप (आरोग्य सेतु) लॉन्च किया था ताकि लोगों को कोरोना वायरस और सतर्क अधिकारियों से संक्रमित होने के जोखिम का आकलन करने में मदद मिल सके अगर वे किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क में आए हैं। लगभग 9.8 करोड़ लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया है और यह 12 भाषाओं में उपलब्ध है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here