राहुल गांधी के हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन रद्द होने पर दी सफाई

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केंद्र सरकार ने सफाई दी है कि भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के संकट के कारण रद्द किया गया है। इसके लिए कोई अन्य वजह बताने की खबरें भ्रामक और झूठ हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के उस ट्वीट के बाद आया, जिसमें कहा था कि पारंपरिक रिश्तों में कमजोर भारत के भविष्य के लिए खतरनाक है।

विदेश मंत्रालय

श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा, भारत और रूस के बीच सालाना शिखर सम्मेलन कोविड के कारण आयोजित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह दोनों सरकारों के बीच आपसी सहमति से लिया गया फैसला है। कोई भी अन्य प्रतिरूपण गलत और भ्रामक है। महत्वपूर्ण संबंधों में झूठी स्टोरी चलाना खासकर गैर-जिम्मेदाराना भी है।

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि रूस भारत के एक महत्वपूर्ण मित्र है। पारंपरिक संबंधों को नुकसान पहुंचाना अदूरदर्शी और देश के भविष्य के लिए खतरनाक है। कुछ रिपोर्टों में सम्मेलन को रद्द करने के पीछे रूस के उस बयान को आधार बताया है, जिसमें पुतिन सरकार ने अमेरिकी अगुवाई वाले चार देशों के गठबंधन क्वॉड में भारत के शामिल होने पर ऐतराज जताया गया है।

भारत में रूस के राजदूत निकोल कुदशेव ने भी ऐसी खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं इसे वास्तविकता से दूर पाता हूं। भारत और रूस के बीच विशेष गठजोड़ कोविड-19 के बावजूद भी अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन की नई तारीखों के बारे में हम भारतीय मित्रों के साथ सम्पर्क में हैं जो महामारी से जुड़े कारणों से टाल दिया गया। हमें विश्वास है कि निकट भविष्य में यह आयोजित होगी।

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