चारा घोटाला: दुमका कोषागार मामले में भी लालू यादव दोषी करार, बिहार के पूर्व CM जगन्नाथ मिश्र बरी

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चारा घोटाले के दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए गए हैं। वहीं इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया गया है। रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने मामले पर फैसला सुनाया है। इस तरह अब तक चारा घोटाले के 6 में से 4 केस में लालू दोषी करार दिए जा चुके हैं।

File PHOTO: PTI

चारा घोटाले के तीन मामलों में सजा पाने के बाद बिरसा मुंडा जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सोमवार को विशेष सीबीआई अदालत ने दुमका कोषागार से तीन करोड़ 13 लाख रुपये का गबन के मामले में भी दोषी करार दिया। अदालत ने बिहार के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 12 लोगों को इस मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इस मामले में सजा 21 से 23 मार्च के बीच सुनाई जायेगी।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने लालू समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व विधायक ध्रुव भगत, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद, पूर्व विधायक आर के राणा समेत 12 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने लालू को दोषी करार देने और जगन्नाथ मिश्रा को बरी करने फैसले को सीबीआई का खेल बताया है और कहा कि राजद इस मामले में भी झारखंड उच्च न्यायालय जायेगी। चारा घोटाले के तीन मामलों में पहले ही सजा पा चुके लालू प्रसाद यादव को देवघर कोषागार एवं चाईबासा कोषागार के गबन के दो मामलों में क्रमशः 23 दिसंबर एवं 24 जनवरी को दोषी ठहराया जा चुका है।

देवघर मामले में उनकी जमानत याचिका उच्च न्यायालय खारिज कर चुका है, वहीं चाईबासा कोषागार मामले में उनकी जमानत याचिका विचाराधीन है, जिस पर सुनवाई 23 मार्च को होगी। इस बीच चारा घोटाले के तीन मामलों में सजा पाने के बाद यहां बिरसा मुंडा जेल में बंद राजद प्रमुख बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को शनिवार को तबियत खराब होने की वजह से राजेन्द्र आयुर्विग्यान संस्थान (रिम्स) के हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल से ही उन्हें फैसला सुनने के लिये अदालत लाया गया था। अदालत ने इस मामले में तत्कालीन आयकर आयुक्त अधीषचंद्र चौधरी, पूर्व आईएएस अधिकारी बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद तथा तत्कालीन मंडलायुक्त एम सी सुबर्णो को भी बरी कर दिया। दूसरी ओर अदालत ने एक अन्य आईएएस अधिकारी फूलचंद्र सिंह, पशुपालन विभाग के कुछ अधिकारियों एवं चारा आपूर्तिकर्ताओं को दोषी करार दिया।

इस मामले में कुछ 47 आरोपी थे जिनमें से 14 की मौत हो चुकी है और दो आरोपी सरकारी गवाह बन गये। इससे पूर्व अदालत ने शुक्रवार को बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक समेत महालेखाकार कार्यालय के तीन अधिकारियों के खिलाफ भी इस मामले में मुकदमा चलाने की लालू यादव की याचिका स्वीकार करते हुए तीनों को समन जारी किये थे।

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार से तीन करोड़, तेरह लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़े मामले में पांच मार्च को सुनवाई पूरी की थी। लालू यादव एवं अन्य के खिलाफ रांची में चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार से बड़ी राशि गबन के मामले में एक अन्य मामले में सुनवाई जारी है और उसमें भी अगले कुछ माह में फैसला आ सकता है।

इस बीच लालू यादव ने 23 दिसंबर को आये सीबीआई अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील भी की थी जिसे 23 फरवरी को न्यायालय ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अभी इस मामले में हुई सजा की आधी अवधि भी लालू ने जेल में नहीं काटी है लिहाजा उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है।

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