परिवार की पहली मैट्रिक पास महिला बनने का जूनून ससुराल वालों को गवारा नहीं, बच्चे के साथ घर से निकाल बहार किया

0

वो पढ़ना चाहिती है, लेकिन उसका जुर्म ये है कि वो एक औरत है, और उस से भी महत्वपूर्ण सच्चाई ये कि वो भूल गई कि आज भी समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं हैं जिन्हे महिलाओं का शिक्षित होना क़तई गवारा नहीं ।

बिहार की १८ साल की बीना कुमारी की भी कहानी कुछ यही है, जिस देश में बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओं की मुहीम पर करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा दिए जाते हों, वहां एक महिला को सिर्फ इस लिए घर से निकाल बहार किया जाता है क्यूंकि उसने दसवीं कक्षा की परीक्षा में बैठने के इच्छा ज़ाहिर की ।

Also Read:  शिवपाल का अखिलेश पर हमला, कहा- मुलायम को अध्यक्ष पद सौंपें अन्यथा बनाउंगा नया मोर्चा

बीना को उसके ससुरालवालों ने उसके एक साल के बच्चे के साथ घर से निकाल बाहर किया, तो इस ज़िद्दी लड़की ने भी एक न सुनी, पढ़ने की चाह में इस लड़की ने अब मधेपुरा के उदाकिशनगंज कॉलेज को ही अपना घर बना लिया है ।

इसी कॉलेज में बीना का परीक्षा केंद्र भी है । उसकी हालत पर तरस खा कर कॉलेज के अधिकारीयों ने कॉलेज के परिसर में ही उसके अपने बच्चों के साथ रहने का बंदोबस्त कर दिया है ।

Also Read:  लीबियाई प्‍लेन के अपहरणकर्ताओं ने माल्टा में किया सरेंडर, सभी 118 यात्री छूटे

बीना सुबह छे बजे उठती हैं, परीक्षा की तैयारी के बाद अपने बच्चे को दूध पिलाती है और फिर परीक्षा केंद्र केलिए रवाना हो जाती हैं ।

चूँकि इंसानियत अब भी ज़िंदा है, इसलिए उसके बच्चे की देखभाल केलिए, ख़ास कर उस समय जब बीना परीक्षाकेंद्र में प्रश्नो का उत्तर दे रही होती हैं, कॉलेज के अधिकारियों ने ये ज़िम्मा उठा लिया है ।

Also Read:  NC नेता ने कुलभूषण जाधव को फांसी देने पर पाक का किया समर्थन, कहा- 'पाकिस्तानी कानून पर उंगली उठाना ठीक नहीं’

बीना ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा , “पिछले साल मैं दो विषयों में फेल हो गई थी । तबसे मैंने इस साल की परीक्षा केलिए काफी मेहनत की है । मैं अपने खानदान में पहली मेट्रिक पास महिला बनना चाहती हूँ”

बिन की शादी दो साल पहले एक मुकेश नामी शख्स से हुयी थे, पति पंजाब में मज़दूरी करता है लेकिन बीना के अनुसार उनके पति को उनके घर से निकाले जाने की खबर नहीं है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here