उन्नाव गैंगरेप केस की CBI करेगी जांच, BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR दर्ज

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उत्तर प्रदेश की बांगरमऊ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगने के बाद सूबे में सियासी हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर शिकंजा कस गया है। कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म सहित अन्य संगीन आरोपों व पीड़िता के पिता की हत्या की जांच सीबीआई करेगी। वहीं पुलिस ने बुधवार (11 अप्रैल) देर रात विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जल्द ही विधायक की गिरफ्तारी भी हो सकती है। एफआईआर की पुष्टि थाने के SO राजेश सिंह ने की।

(Indian Express photo by Vishal Srivastav)

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 (अपहरण कर शादी के लिए दवाब डालना), 376 (बलात्‍कार), 506 (धमकाना) और पॉस्‍को एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया है। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद कुलदीप सेंगर के खिलाफ FIR का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही मामले में लापरवाही के दोषी पाए दो डॉक्टरों व एक पुलिस क्षेत्रधिकारी को निलंबित करने का निर्णय भी लिया गया है।

हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने भी इस मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण के पर्यवेक्षण में गठित एसआईटी, डीएम उन्नाव एनजी रवि कुमार और डीआईजी जेल लव कुमार से अलग-अलग प्राप्त रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं उन्नाव के सफीपुर सर्किल के सीओ शफीपुर कुंवर बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

पीड़िता के पिता के उपचार में लापरवाही पर सीएमएस डॉ. डीके द्विवेदी व ईएमओ डॉ. प्रशांत उपाध्याय को भी निलंबित किया गया है। डॉ. मनोज, डॉ. जीपी सचान और डॉ. गौरव अग्रवाल के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने यह फैसला एसआईटी के साथ ही डीआईजी जेल और डीएम उन्नाव की अलग-अलग जांच रिपोर्ट के आधार पर देर रात किया। इसके बाद पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

देर रात हाईप्रोफाइल ड्रामा

उन्नाव जिले की बांगरमऊ सीट से बीजेपी विधायक और रेप मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर बुधवार (11 अप्रैल) देर रात एसएसपी आवास पहुंचे, लेकिन बिना सरेंडर किए वापस लौट गए। उन्होंने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी और एसएसपी के वहां मौजूद नहीं रहने की बात कहकर चले गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेंगर पर लगे आरोपों की उधर एसआइटी जांच कर रही थी, इधर वह राजधानी में अपनी पेशबंदी के प्रयासों में जुटे हुए थे। सुबह उनकी पत्नी संगीता सेंगर ने पत्रकार वार्ता बुलाकर अपने पति को निर्दोष बताया तो शाम को खुद कुलदीप सेंगर अपनी ताकत का अहसास कराने समर्थकों के साथ एसएसपी के आवास पर जा पहुंचे और हाईवोल्टेज ड्रामा खड़ा किया।

इस दौरान उनके समर्थकों ने मीडियाकर्मियों से मारपीट भी की। विधायक के पहुंचने पर एसएसपी के आवास पर भारी भीड़ उमड़ गई। इस दौरान विधायक ने मीडियाकर्मियों के पूछने पर कहा कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं। मीडिया सरेंडर करने से जुड़ी गलत खबरें उड़ा रही है। इस नाते वे पुलिस और मीडिया के सामने पेश हुए हैं। कुलदीप सिंह ने कहा कि, ‘मेरे लिए यह कहा जा रहा है कि मैं फरार हूं या कहीं चला गया हूं, लेकिन मैं सबके बीच हूं आज यहां ये ही बताने आया हूं। कुलदीप ने कहा कि अगर मेरे खिलाफ कोई अरेस्ट वॉरंट है तो मेरी गिरफ्तारी होनी चाहिए। लेकिन फिलहाल मैं सरेंडर नहीं कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि मैं यहां मीडिया के साथियों के साथियो से मिलने आया हूं।

हाई कोर्ट ने स्वत: लिया मामले का संज्ञान, सुप्रीम कोर्ट भी करेगा सुनवाई

इस बीच अब यह केस इलाहाबाद हाई कोर्ट से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट तक में पहुंच गया है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप कांड का स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई का फैसला किया है। अदालत ने इस मामले में पीड़िता के पिता की पिटाई से मौत पर ब्योरा मांगा है। मामले में 12 अप्रैल को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस डीबी भोसले एवं जस्टिस सुनीत कुमार की खंडपीठ ने अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी के पत्र को जनहित याचिका में तब्दील करते हुए सरकारी वकील से पूरे घटनाक्रम व कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट उन्नाव रेप कांड की सीबीआई जांच कराने की मांग वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। तीन सदस्यीय की पीठ ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार की सत्तारूढ़ पार्टी के इशारे पर बलात्कार पीड़िता के पिता को पुलिस हिरासत में यातनाएं दी गईं और उन्हें मार दिया गया।वकील एमएल शर्मा ने इस मामले में याचिका दाखिल की है। याचिका में रेप पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और मुआवजा देने की मांग की गई है, साथ ही पुलिस और विधायक के खिलाफ जांच की मांग की गई है।

पीड़िता के पिता ने तोड़ा दम, विधायक का भाई गिरफ्तार

बता दें कि बीजेपी विधायक कुल्दीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता की सोमवार (9 अप्रैल) सुबह मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक उसके पेट में दर्द उठा था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता के पिता से मारपीट के मामले में पुलिस ने मंगलवार (10 अप्रैल) को विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दायर करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

विधायक के भाई पर आरोप यह है कि उसने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा था जिसकी वजह से उनकी जेल में मौत हो गई थी। पीड़िता के मुताबिक विधायक का भाई उनके पिता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था। उसे उन्नाव के माखी थाने में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार किया गया और शाम को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। अतुल सिंह के चार साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

पीड़िता के पिता की बेरहमी से हुई थी पिटाई

वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, रेप पीड़िता के पिता की मौत का कारण पिटाई के दौरान बड़ी आंत फटना बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चोटों से प्रतीत होता है कि पिटाई किसी भोथरी वस्तु जैसे मोटे डंडे या फिर बंदूक के कुंदे आदि से की गई जिससे गहरी अंदरूनी चोट लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने लिखा है कि मारपीट में उसकी बड़ी आंत फट गई थी। शरीर पर 14 स्थानों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। ये चोट 6-7 दिन पुराने होने की भी पुष्टि हुई है।

BJP विधायक पर रेप का आरोप

बता दें कि रेप पीड़िता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके कुछ समर्थकों पर उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। ये मामला उस समय प्रकाश में आया जब पीड़िता ने अपने परिवार के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने महिला और उसके परिवार को ऐसा करने से रोक लिया था। इसके बाद यह मीडिया में सुर्खियां बन गया।

 

 

 

 

 

 

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