बिहार: भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा मामले में मोदी सरकार में मंत्री अश्विनि चौबे के बेटे पर FIR दर्ज, इलाके में इंटरनेट बंद

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बिहार के भागलपुर में शनिवार (17 मार्च) शाम को फैले सांप्रदायिक तनाव के बाद नाथनगर इलाके में फिलहाल शांति है। पुलिस का कहना है कि अब हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर फिलहाल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है, जो आज शाम तक चालू होने की संभावना है। पुलिस लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है। इस बीच इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनि चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत के खिलाफ नाथनगर में एफआईआर दर्ज हुई है।

File Photo: फेसबुक वॉल से। अपने पिता व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और अमित शाह के साथ अर्जित शाश्वत (बाएं से पहले)

इस बीच शनिवार को हुए दो गुटों के बीच भिड़ंत मामले में नाथनगर थाना में दो एफआईआर दर्ज किया गया है। नाथनगर में हुए उपद्रव मामले में पुलिस की ओर से थाने में दर्ज कराए गए एक एफआईआर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अर्जित शाश्वत चौबे समेत कई बीजेपी नेताओं को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक मामला बिना इजाजत जुलूस निकालने का है। वहीं, दूसरा केस उपद्रव मचाने का है। पहली मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके नाम हैं- अरिजीत चौबे, देवकुमार पांडे, अनुपलाल साह, प्रणव साह, अभय घोष सोनू, प्रमोद शर्मा, निरंजन सिंह और संजय भट्ट शामिल हैं। इन पर बगैर इजाजत जुलूस निकालने का आरोप है। बता दें कि अरिजित केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे हैं।

इस मामले में दूसरी एफआईआर उपद्रव मचाने वाले करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखी गई है। इनके खिलाफ खिलाफ मारपीट, पत्थरबाजी, फायरिंग व सांप्रदायिक सदभावना को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सांप्रदायिक हिंसा और तनाव बीजेपी, आरएसएस और बजरंद दल के कार्यकर्ताओं के भड़काऊ नारेबाजी की वजह से हुई। इस शोभा यात्रा जुलूस का नेतृत्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत चौबे ही कर रहे थे।‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने केंद्रीय मंत्री के बेटे पर एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इलाके में इस वक्त पूरी तरह से शांति है और आज रात तक इंटरनेट सेवा भी शुरू कर दिया जाएगा।

क्या है मामला?

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार शनिवार (17 मार्च) को भारतीय नववर्ष जागरण समिति की तरफ से शहर में एक जुलूस निकाला गया था। 15 किलोमीटर लंबे रास्ते में यह जुलूस तकरीबन आधा दर्जन मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान नाथनगर थाना क्षेत्र के मेदिनी चौक पर नारेबाजी को लेकर दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद यहां जमकर पथराव और आगजनी हुई।

फोटो: फेसबुक वॉल से

सूत्रों के अनुसार दोपहर 3.45 बजे यह मोटरसाइकिल जुलूस इलाके से होकर गुजर रहा था तब उसपर पत्थरबाजी होने लगी। लालमटिया चौकी के इंचार्ज संजीव कुमार, जो उस वक्त वहां तैनात थे, उन्होंने बताया कि जुलूस में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने भड़काऊ नारेबाजी की, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हिंसा भड़की। झड़प नाथनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मेदिनी चौक पर हुई। यह इलाका मुस्लिम बहुल है।बता दें कि अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत बीजेपी के नेता हैं और वह भागलपुर विधानसभा सीट से साल 2015 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, वो चुनाव हार गए। उनके पिता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भागलपुर से चार बार विधायक रहे हैं और राज्य सरकार में भी मंत्री रहे हैं। अर्जित ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

वहीं, इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री चौबे ने कहा कि मुझे गर्व है कि अरिजीत मेरा बेटा है। सभी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मेरे बेटे की तरह हैं। हिंदू नव वर्ष को मनाने के लिए आयोजित की गई रैली का प्रतिनिधित्व करने में क्या गलत है? क्या मां भारत की बात करना गलत है? क्या वंदे मातरम कहना गलत है?

 

 

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