नाबालिग लड़की को ‘धमकाने और उत्पीड़न’ के आरोप में AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ POSCO एक्ट के तहत FIR दर्ज

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दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा ने ट्विटर के जरिए नाबालिग लड़की को ‘धमकाने और उत्पीड़न’ करने के आरोप में अल्ट न्यूज वेबसाइट के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, इस ख़बर के बाद से ही भारत में ट्विटर पर #IStandWithZubair टॉप ट्रेंड कर रहा है।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की शिकायत पर मोहम्मद जुबैर के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों के सरंक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जुबैर ने हालांकि, खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया और कहा, ‘‘यह निश्चित तौर पर तुच्छ शिकायत है, मैं कानूनी रूप से इसका जवाब दूंगा।’’

एनसीपीसीआर ने शिकायत में लड़की और उसकी दादी की तस्वीर का हवाला दिया है जिसे जुबैर ने कथित तौर पर पीड़िता के पिता के साथ ऑनलाइन बहस के बाद साझा किया था। हालांकि, लड़की का चेहरा धुंधला कर दिया गया था लेकिन शिकायतकर्ता ने कहा कि उसकी पहचान जाहिर हो सकती है क्योंकि उसकी दादी का चेहरा पहचानने के योग्य है।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने पुलिस को लिखे शिकायती पत्र में कहा कि वह जुबैर द्वारा ऑनलाइन धमकी दिए जाने और ट्विटर पर नाबलिग लड़की का पीछा करने के मामले में कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने ट्विटर को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। प्रियांक कानूनगो ने शनिवार को ट्वीट किया था, ‘‘एनसीपीसीआर को मिली कार्रवाई रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी व्यक्ति के खिलाफ ट्विटर पर नाबालिग लड़की को धमकी देने और उत्पीड़न करने के मामले में प्राथिमिकी दर्ज की गई है। अनुरोध के तहत ट्विटर इंडिया को संबंधित जानकारी देने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।’’

मोहम्मद जुबैर और ऑल्ट न्यूज़ ने इन आरोपों का खंडन किया है। ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने ट्विटर पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, कानूनी तरीकों के दुरुपयोग से ज़ुबैर को प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऑल्ट न्यूज़ मोहम्मद ज़ुबैर के साथ खड़ा है। मोहम्मद ज़ुबैर के समर्थन में हज़ारों ट्वीट अब तक किए जा चुके हैं।

साइबर क्राइम दिल्ली के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर के एसपी अजय यादव ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। NCPCR ने मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किए गए एक ट्वीट का हवाला दिया है, जिसे 6 अगस्त को शेयर किया गया था और उसमें एक नाबालिग बच्ची की तस्वीर थी। तस्वीर में बच्ची का चेहरा धुंधला किया गया था। एफआईआर में बताया गया है कि ऑनलाइन बहस के दौरान उसकी पोस्ट पर दो अन्य लोगों द्वारा कमेंट किया गया था, जिनमें से एक ने कमेंट बाद में डिलीट कर दिया और दूसरे के बारे में अभी तक पता नहीं चल सका है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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