गुरुग्राम लैंड डील मामला: FIR दर्ज होने पर बोले रॉबर्ट वाड्रा- ‘चुनावी मौसम में बढ़ती हुई तेल की कीमतों से लोगों का ध्‍यान हटाने की हो रही है कोशिश’

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गुरुग्राम जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं के मामले में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रॉबर्ट वाड्रा और भूपिंदर हुड्डा पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस एफआईआर में डीएलएफ कंपनी गुरुग्राम और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज का नाम भी शामिल है। यह एफआईआर खेड़कीदौला पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई गई है। इस मुद्दे पर रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि चुनाव आ रहे हैं इसलिए उनके पुराने मामलों को फिर से सामने लाया जा रहा है।

Robert Vadra

समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा के मुताबिक, गुरुग्राम के खैड़की दौला जमीन मामले में हुड्डा और वाड्रा के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है। यहां पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रॉबर्ट वाड्रा के अलावा डीएलएफ और ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पर धारा 420, 120 बी, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया गया है।

इनके अलावा Prevention of corruption act 1988 की धारा 13 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि वाड्रा की स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने गुरुग्राम के सेक्टर 83, शिकोहपुर, सिकंदरपुर, खेड़की दौला और सिही में 7.5 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी, लेकिन लैंड यूज बदलने के बाद 55 करोड़ रुपये में जमीन बेच दी।

आरोप है कि साल 2007 में स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी नाम से कंपनी पंजीकृत की गई थी और साल 2008 में इस कंपनी ने ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज से साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी जिसकी कीमत साढ़े सात करोड़ दिखाई गई। उधर इस पूरे प्रकरण पर रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि ‘चुनावी मौसम में बढ़ती हुई तेल कीमतों से लोगों का ध्‍यान हटाने के लिए करीब एक दशक पुराने मुद्दे को उछाला जा रहा है। इसमें नया क्‍या है।’

मानेसर के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि हूड्डा, वाड्रा और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राईवेट लिमिटेड और डीएलएफ और अन्य के खिलाफ गुरुग्राम के खेडकी दौला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। कुमार ने बताया, ‘‘नूंह निवासी सुरिंदर शर्मा की ओर से हमें शिकायत मिली, जिसमें उन्होंने जमीन सौदे में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। बता दें कि बीजेपी ने रॉबर्ट वाड्रा को निशाना बनाते हुए 2014 के चुनाव में इस जमीन सौदे को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। अब अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में इस मामले को उछाला जाना तय है।

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