FDI के नियमों में ढील पर RSS से जुड़े संस्थाओं का मोदी सरकार पर हमला, कहा फैसला जनता के साथ विश्वासघात है

0

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनो ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा विदेशी निवेशों के नियमों में भरी ढील दिए जाने के फैसले का कड़ा विरोश करते हुए इसे जनता के साथ विश्वासघात बताया है।

स्वदेशी जागरण मंच ने इस फैसले पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए यहाँ तक कह दिया की आर्थिक मामलों में मौजूदा सरकार पिछली की नीतियां अपना आरही है।

BN-JC216_indinv_G_20150625085627
स्वदेशी जागरण मंच ने कहा की FDI के नियमों में हुए बदलाव से आर्ट व्यवस्था पर ग़लत प्रभाव पड़ेगा।

Also Read:  पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के बीच सैफ अली खान ने भी तोड़ी चुप्पी

जनसाता की खबर के अनुसार स्वदेशी जागरण मंच के संयोजक अश्विनी महाजन ने से कहा, ”खुदरा, रक्षा और फार्मा जैसे क्षेत्रों को एफडीआई के लिए खोलना और नियमों में ढील देना देश की जनता के साथ विश्वासघात है। ऐसा करके इस सरकार ने सामान्य तौर पर देश के साथ और विशेष रूप से स्थानीय कारोबारियों के साथ अच्छा नहीं किया है।”

नीति की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार को सिंगल-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में नियमों में ढील देने के मामले में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था और दुर्भाग्य की बात है कि राजग सरकार ने भी ऐसा ही किया है।

Also Read:  सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, 'क्या ताजमहल को नष्ट करना चाहते हैं?'

महाजन ने आरोप लगाया कि इस सरकार के साथ दिक्कत यह है कि यह पिछली सरकार की तरह की सोच के साथ काम करती है और उसे लगता है कि विकास और रोजगार सृजन केवल एफडीआई के साथ ही संभव है।

Also Read:  कपिल मिश्रा का बड़ा आरोप, कहा- सत्येंद्र जैन ने मेरे सामने अरविंद केजरीवाल को 2 करोड़ रुपये दिए

उन्होंने दावा किया, ”जबकि अब एफडीआई नीति अपनाने से देश में रोजगार सृजन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इस नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन करना नहीं, बल्कि भारतीय लोगों से नौकरी छीनना है।”

गौरतलब है केंद्र सरकार ने उड्डयन, रक्षा समेत कई क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा को बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्‍य राज्‍य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को यह एलान किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here