कांग्रेस का घोषणापत्र: किसानों के लिए होगा अलग बजट, कर्ज नहीं चुकाया तो भी जेल नहीं जाएंगे, BJP ने मैनिफेस्टो में किए गए वादे को बताया ‘खतरनाक’ जानें- घोषणापत्र की 20 बड़ी बातें

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार (2 अप्रैल) को पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र की थीम को ‘हम निभाएंगे’ रखा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने घोषणा पत्र जारी करने के बाद कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू करने के साथ ही किसानों के लिए अलग बजट शुरू किया जाएगा। घोषणा पत्र में ‘न्याय’ योजना का प्रमुखता से उल्लेख है जिसके तहत गरीबों को 72,000 रुपये सालाना देने के वादा किया गया है।

(Ajay Aggarwal/ HT)

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 लाख रूपये का झूठा वादा किया। लेकिन हमने विचार किया कि कुल कितना पैसा लोगों के खाते में डाला जा सकता है। फिर हमने कहा कि गरीबी पर वार, 72 हजार। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि 22 लाख सरकारी नौकरियां रिक्त हैं। इन रिक्तियों को एक साल में भरा जाएगा। ग्रामीण इलाकों में हर साल 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा मनरेगा में कार्य दिवसों की संख्या को 100 दिन से बढ़कर 150 दिन करेंगे।

किसानों के लिए बड़े ऐलान करते हुए गांधी ने कहा, ‘किसानों के लिए अलग बजट होगा। किसान ईमानदार हैं। हमने निर्णय लिया है कि कर्ज अदायगी नहीं करने पर किसानों के खिलाफ फौजदारी अपराध का मामला दर्ज नहीं होगा, दीवानी अपराध का मामला होगा।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए बजट का छह फीसदी खर्ज किया जाएगा और गरीब से गरीब व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाएगी। गांधी ने कहा कि कांग्रेस देश को जोड़ने का काम करेगी।

एक नजर कांग्रेस के घोषणा पत्र की 20 बड़ी बातों पर:

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से जारी किए गए घोषणा पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

1. ‘न्याय’ योजना के तहत हर साल गरीबों को 72 हजार रुपये देने का वादा।

2. 31 मार्च 2020 तक 22 लाख रिक्त सरकारी पदों को भरा जाएगा।

3. हर साल ग्रामीण स्तर पर 10 लाख युवाओं को रोजगार।

4. कारोबार शुरू करने के बाद तीन साल तक कोई अनुमति नहीं लेनी होगी।

5. किसानों के लिए अलग बजट होगा।

6. कर्ज नहीं अदा करने वाले किसानों के खिलाफ फौजदारी का मामला दर्ज नहीं होगा।

7. मनरेगा के तहत कार्यदिन को 100 से बढ़ाकर 150 दिन किया जाएगा।

8. शिक्षा पर जीडीपी का छह फीसदी खर्च होगा।

9. सरकारी नौकरियों पर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान होगा।

10. राफेल और भ्रष्टाचार के दूसरे मामलों की जांच कराई जाएगी।

11. ओआरओपी के लागू करने में हुई विसंगतियों को दूर किया जाएगा।

12. सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

13. सभी सरकारी संस्थाओं की स्वतंत्रता एवं स्वायत्तता फिर से सुनिश्चत की जाएगी।

14. अनुसूचित जनजाति के अधिकारों के लिए वन अधिकार को अक्षर: लागू किया जाएगा।

15. दलितों, अल्पांख्यकों और कमजोरों के खिलाफ घृणा अपराध पर अंकुश लगाया जाएगा।

16. आतंकवाद पर नियंत्रण के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाएगा।

17. जीएसटी को सही मायनों में सरल बनाया जाएगा।

18. जिन गरीबों के पास घर नहीं है उन्हें भूखंड मुहैया कराया जाएगा।

19. पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना करेंगे।

20. आंतरिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राजद्रोह कानून खत्‍म करने और अफस्पा में संशोधन का वादा

लोकसभा चुनाव के लिए जारी कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसान, गरीब, बेरोजगार और युवाओं के लिए कई वादों के साथ ही राजद्रोह कानून खत्‍म करने और पूर्वोत्तर के राज्यों में सुरक्षाबलों को विशेष अधिकार देने वाले सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) में संशोधन का ऐलान किया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि अनुच्छेद 370 में किसी भी तरह से बदलाव नहीं लाया जाएगा।

इसके अलावा कांग्रेस के इस घोषणापत्र में ‘हम निभाएंगे’ में कहा गया है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो देशद्रोह के अपराध को परिभाषित करने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को खत्म किया जाएगा। घोषणा पत्र में लिखा गया है कि इस धारा का बहुत दुरुपयोग किया गया है।

BJP बोली- मैनिफेस्टो में किए गए वादे खतरनाक

बीजेपी ने कांग्रेस के घोषणपत्र पर पलटवार किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वादे को ‘खतरनाक’ बताया है। जेटली ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में जो आइडिया है वह खतरनाक है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि वह जो वादे करते हैं उसे लागू करते हैं।

इस घोषणापत्र में ऐसे एजेंडे हैं जो देश को तोड़ने का काम करते हैं। यह राष्ट्र की एकता के खिलाफ जाते हैं। जो कांग्रेस पार्टी और नेहरू गांधी परिवार ने जम्मू-कश्मीर को लेकर जो निर्णय लिया था वह ऐतिहासिक भूल थी। उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं कर सतका है। उस एजेंडो को और खतरनाक तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस का आज का नेतृत्व जिहादियों और माओवादियों के चंगुल में है। वो घोषणा पत्र में कह रहे हैं कि आईपीसी से सेक्शन 124-A हटा दिया जाएगा, देशद्रोह करना अब अपराध नहीं है। जो पार्टी ऐसी घोषणा करती है, वो एक भी वोट की हकदार नहीं है।

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