वोटिंग के एक हफ्ते बाद BJP उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मतदान करने की अपील कर ट्रोल हुए फरहान अख्तर, सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

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लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में 59 सीटों पर रविवार सुबह से मतदान जारी है। इस चरण में मतदाता उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 918 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में पंजाब की सभी 13 सीटों, उत्तर प्रदेश की 13, पश्चिम बंगाल की नौ, बिहार और मध्य प्रदेश की आठ-आठ, हिमाचल प्रदेश की चार, झारखंड की तीन तथा चंडीगढ़ की एक सीट पर वोट डाले जा रहे हैं।

इसी बीच बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने भी भोपाल की जनता के लिए एक संदेश जारी कर उनसे मतदान करने का आग्रह किया है। अभिनेता मतदाताओं से मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को वोट ने देने की अपील की है। लेकिन इस ट्वीट के बाद उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल, फरहान अख्तर ने भोपाल के मतदाताओं से वोट अपील की है, लेकिन ये अपील करने में उन्हें एक हफ्ते की देरी हो गई।

फरहान ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘प्रिय भोपाल के मतदाताओं, यही वह टाइम है जब आप अपने शहर को एक और गैस त्रासदी से बचा सकते हो।’ #SayNoToPragya #SayNoToGodse #RememberTheMahatma #ChooseLoveNotHate

जबकि भोपाल में 12 मई को ही वोटिंग हो चुकी है, लेकिन फरहान रविवार को नींद से जागे और वोट डालने को लेकर लोगों से अपील की। फरहान का यह ट्वीट आज यानी रविवार सुबह 8 बजकर 41 मिनट का है। जिससे अंदाजा लग रहा है कि फरहान को यह पता ही नहीं है कि 19 मई को भोपाल में वोटिंग नहीं होनी है। यूजर्स उनको यह याद दिला रहे हैं कि भोपाल में एक हफ्ते पहले ही वोटिंग हो चुकी है। फरहान का यह ट्वीट देख सोशल मीडिया पर लोग भड़क गए और उन्हें बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

गौरतलब है कि भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने कुछ दिन पहले एक सवाल के जवाब में कहा था कि महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे सबसे बड़े देशभक्त थे और जो लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं, वे अपने गिरेबां में झांककर देखें। हालांकि उनके बयान से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया था और विवाद बढ़ता देख प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी।

प्रज्ञा ने मुंबई हमलों के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ भी विवादित बयान देते हुए कहा था कि मालेगांव बम धमाके के मामले में गिरफ्तारी के बाद करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके शाप की ही वजह से आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला। इस बयान का कड़ा विरोध होने के बाद प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी।

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