BJP उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ ट्वीट कर ट्रोल हुए फरहान अख्तर ने अब ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

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बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने रविवार (19 मई) को भोपाल की जनता के लिए एक संदेश जारी कर उनसे मतदान करने का आग्रह किया। अभिनेता ने मतदाताओं से मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को वोट ने देने की अपील की। लेकिन इस ट्वीट के बाद उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल, फरहान अख्तर ने भोपाल के मतदाताओं से वोट अपील की है, लेकिन ये अपील करने में उन्हें एक हफ्ते की देरी हो गई।

दरअसल, भोपाल में 12 मई को ही वोटिंग हो चुकी है, लेकिन फरहान रविवार को नींद से जागे और वोट डालने को लेकर लोगों से अपील की। फरहान ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘प्रिय भोपाल के मतदाताओं, यही वह टाइम है जब आप अपने शहर को एक और गैस त्रासदी से बचा सकते हो।’ #SayNoToPragya #SayNoToGodse #RememberTheMahatma #ChooseLoveNotHate

फरहान का यह ट्वीट आज यानी रविवार सुबह 8 बजकर 41 मिनट का है। जिससे अंदाजा लग रहा है कि फरहान को यह पता ही नहीं है कि 19 मई को भोपाल में वोटिंग नहीं होनी है। यूजर्स उनको यह याद दिला रहे हैं कि भोपाल में एक हफ्ते पहले ही वोटिंग हो चुकी है। फरहान का यह ट्वीट देख सोशल मीडिया पर लोग भड़क गए और उन्हें बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

इस बीच ट्रोल होने के बाद अब फरहान ने एक ट्वीट कर ट्रोलर्स को करार जवाब दिया है। अभिनेता ट्वीट कर लिखा है, “हमने तारीख गलत समझी तो गला पकड़ लिया, जिसने इतिहास गलत समझा उसे लगे लगा रहे हो।” साथ ही फरहान ने #priorities हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

बता दें कि मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने वाले बयान पर अभी भी विवाद जारी है। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने कुछ दिन पहले एक सवाल के जवाब में कहा था कि महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे सबसे बड़े देशभक्त थे और जो लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं, वे अपने गिरेबां में झांककर देखें।

हालांकि उनके बयान से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया था और विवाद बढ़ता देख प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी। इसके अलावा प्रज्ञा ने मुंबई हमलों के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ भी विवादित बयान देते हुए कहा था कि मालेगांव बम धमाके के मामले में गिरफ्तारी के बाद करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके शाप की ही वजह से आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला। इस बयान का कड़ा विरोध होने के बाद प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी।

 

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