छदम् पत्रकारों की फर्जी वेबसाइटों को मध्यप्रदेश सरकार ने दी करोड़ो की सहायता

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काॅग्रेस विधायक बाला बच्चन द्वारा पुछे गए एक सवाल के जवाब में दी गई सूची से पता चला कि मध्यप्रदेश सरकार ने 10 हजार रूपये से 21.7 लाख रूपये तक की सरकारी सहायता न्यूज बेवसाइटों को विज्ञापन के रूप में वितरित की गई है। जबकि ये सभी वेबसाइट फर्जी पत्रकारों द्वारा संचालित और छदम् नामों से रन हो रही है।
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इंडियन एक्सपे्रस की खबर के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने इस तरह की 234 वेबसाइटों को सहायता पहुंचाई है जो राज्य के पत्रकारों के कई रिश्तेदारों द्वारा संचालित हो रही हैं। इनमें कम से कम 26 वेबसाइटों ऐसी है जिनको 10 लाख या उससे अधिक रूपये की मदद की गई हैं। ये सभी साइटों को राज्य के पत्रकार और उनके रिश्तेदार संचालित कर रहे है। 81 ऐसी वेबसाइट है जिनको 5 से 10 लाख रूपये दिए गए है और 33 वेबसाइट वे है जो भोपाल के सरकारी आवासों से संचालित हो रही है।

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इस बारे में राज्य के जनसम्पर्क अधिकारी अनुपम राजन का कहना है कि हमने न्यूज मीडिया के नये माध्यम को पर सरकारी नीतियों को प्रचारित करने के लिये विज्ञापन दिए है ये हमारे लिये महत्वपूर्ण नहीं कि उनको कौन चला रहा है। लेकिन हम विज्ञापन देने से पहले जांच करते है कि साइट ठीक प्रकार से चल रही है या नहीं और अब हम अपनी नीति में संशोधन भी कर रहे है कि उनको ही विज्ञापन दे जिनकी हिट संख्या अधिक है।

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ऐसी कई सारी साइट है जिन्हें विज्ञापन के रूप में सरकारी सहायता पहुंचाई गई है। इनमें www.failaan.com को 18.70 लाख, www.deshbhakti. com को 8.75 लाख, www.rashtrawad.com को 8.25 लाख रूपये की सहायता की गई। जब इंडियन एक्सप्रेस ने पता किया कि तो पाया कि प्रखर अग्निहोत्री के राजेश अग्निहोत्री एक ही है।

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इसके अलावा एक अन्य वेबसाइट www.mpnewsonline.com को संचालित किया जाता है स्कूल अध्यापिका मिनी शर्मा द्वारा जो पत्नी है भोपाल में पाइनियर के स्थानीय संपादक गिरीश शर्मा की। इनकी वेबसाइट को 2012 से 2015 के बीच 17 लाख रूपये के विज्ञापन दिए गए। इस बारे में शर्मा जी ने कहा कि ये अनैतिक हो सकता है लेकिन इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है।

राज्य की बीजेपी वाली मध्यप्रदेश सरकार ने ऐसी अन्य कई वेबसाइटों को बड़ी रकम देकर अपने परिचितों और उनके रिश्तेतदारों की झोलियों को भरने का प्रयास किया है।

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